दरभंगा | बिहार में राष्ट्रीय खाद्य उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) स्थापित करने की मंजूरी मिलने पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण एवं कौशल विकास मंत्री चिराग पासवान ने दरभंगा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने पत्र लिखकर सांसद को बधाई दी और इसे मिथिला व बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
तमिलनाडु के बाद बिहार को मिला दूसरा NIFTEM
देश में तमिलनाडु के तंजावुर के बाद यह दूसरा खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान होगा, जिसे बिहार में स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा, उद्यमिता के लिए प्रेरित करने, किसानों एवं कृषि से जुड़े व्यवसायों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
सांसद के प्रयासों से संभव हुआ संस्थान का बजट प्रावधान
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने पत्रांक 11038 (दिनांक 17 फरवरी 2025) के माध्यम से सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर को बधाई दी और कहा कि सांसद ने 12 दिसंबर 2024 को पत्रांक 46 एवं 47 के माध्यम से NIFTEM और मेगा फूड पार्क की मांग केंद्र सरकार से की थी, जिसके बाद बिहार में इस संस्थान की घोषणा हुई। बिहार में पहले से ही खगड़िया और मुजफ्फरपुर में मेगा फूड पार्क संचालित हो रहे हैं।
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सांसद बोले – मिथिला और बिहार के युवाओं के लिए संजीवनी
सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इसे मोदी सरकार की बिहार के प्रति दूरदर्शी नीति बताते हुए कहा कि—
✅ यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, कृषि उत्पादों के व्यावसायिक अध्ययन और उद्यमिता के लिए वरदान साबित होगा।
✅ मखाना, मछली, लिची, मक्का, चूड़ा जैसे उत्पादों के वैश्विक व्यवसायीकरण में मदद मिलेगी।
✅ युवाओं को कौशल विकास और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे।
✅ बिहार के बाढ़-सुखाड़ प्रभावित इलाकों में रोजगार सृजन में सहायक होगा।
📌 सांसद ने इसे बिहार और मिथिला क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि यह आने वाले वर्षों में राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।



