
Gold Heist: दरभंगा में दिनदहाड़े करोड़ों की ज्वेलरी और नकदी की लूट ने पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। शहर के बड़ा बाजार स्थित प्रेम ज्वेलर्स में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद समस्तीपुर के एक शातिर अपराधी गोलू पासवान पर शक की सुई घूम गई है, जिसकी तलाश में एसटीएफ ने ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस को संदेह है कि इस बड़ी लूट के पीछे गोलू का ही हाथ है।
कौन है गोलू पासवान, जिस पर मंडरा रहा है Gold Heist का साया?
समस्तीपुर के दलसिंहसराय के लोकनाथपुर गंज निवासी गोलू पासवान उर्फ सुदामा एक कुख्यात अपराधी है, जिसकी तलाश एसटीएफ कई ठिकानों पर कर रही है। हाल ही में वह दरभंगा जेल से जमानत पर बाहर आया था। 13 फरवरी 2026 को समस्तीपुर के लोकनाथपुर में एक शख्स की हत्या में भी उसका नाम सामने आया है। दरभंगा की ताजा वारदात में उसकी तस्वीर सीसी कैमरे में कैद होने की बात सामने आई है। इतना ही नहीं, उसका ससुराल भी लहेरियासराय थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले में है, जहां वह इन दिनों ठिकाना बनाए हुए था। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही इस Gold Heist के पीछे की पूरी कहानी और साजिश का खुलासा हो पाएगा।
दिनदहाड़े करोड़ों की लूट, STF की ‘दरभंगा ज्वेलरी हीस्ट’ मास्टरमाइंड की तलाश
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ की टीम समस्तीपुर के दलसिंहसराय के लोकनाथपुर गंज निवासी गोलू पासवान उर्फ सुदामा की खोज में कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि गोलू हाल ही में दरभंगा जेल से जमानत पर बाहर आया है। 13 फरवरी 2026 को समस्तीपुर के लोकनाथपुर में हुई एक हत्या में भी उसका नाम सामने आया था। सीसीटीवी फुटेज में भी उसकी तस्वीर कैद होने की बात कही जा रही है। इससे पहले कि पुलिस उसकी तलाश पूरी कर पाती, उसका नाम एक बार फिर दरभंगा ज्वेलरी हीस्ट में सामने आ गया। लहेरियासराय थानाक्षेत्र स्थित एक मोहल्ले में उसका ससुराल भी है, जहां इन दिनों वह अपना ठिकाना बनाए हुए था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। गोलू की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उसने किस तरह से इस वारदात को अंजाम दिया है।
कौन है अपराधी? बाइक चोर से बना सोना लूट का सरगना
गोलू पासवान का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और लंबा है। 2016 तक वह एक मामूली बाइक चोर था, लेकिन 2017 से उसने सड़क लूट और डकैती जैसी बड़ी वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। 2020 में वह अचानक सोना लूट का मास्टरमाइंड बन गया। 9 दिसंबर 2020 को दरभंगा के बड़ा बाजार स्थित चर्चित दगरू सेठ की थोक इकाई अलंकार ज्वेलर्स से उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 11.5 किलो सोना, चांदी और हीरे के आभूषण समेत करोड़ों की लूट की थी। इस वारदात को अंजाम देने के बाद वह प्रिंस और हनी के साथ दिल्ली चला गया था, जहां उसने एक कार भी खरीदी थी। दरभंगा पुलिस ने दिल्ली से ही कार समेत गोलू और समस्तीपुर के नगर थाने के बहादुरपुर निवासी प्रेम कुमार उर्फ प्रिंस चौधरी जायसवाल को धर दबोचा था।
पूर्व में भी किए कई बड़े कांड, अब पुलिस के लिए चुनौती
गोलू के आपराधिक रिकॉर्ड में 12 अप्रैल 2017 को समस्तीपुर शहर के वीआईपी कॉलोनी स्थित एलआईसी के सहायक शाखा प्रबंधक भारतेंदु दीपक के घर डकैती भी शामिल है। उसे 31 मई 2017 और 26 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया था। गोसपुर गांव से लूट में इस्तेमाल की गई उसकी सफेद रंग की होंडा अमेज़ कार मिलने पर पुलिस भी हैरान रह गई थी। बेगूसराय में घटनाओं को अंजाम देने के लिए उसने स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया था। 19 सितंबर 2020 को बेगूसराय के तेघरा में मोहन साह की थोक ज्वेलरी दुकान में भी उसने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। दरभंगा की तरह ही बेगूसराय में भी गोलू और उसके साथियों ने मास्क का इस्तेमाल किया था। इस घटना के दौरान बेगूसराय के मंसूरचक में गश्ती दल के साथ उसकी मुठभेड़ भी हुई थी, हालांकि वह फरार होने में कामयाब रहा था। इसके बाद वह दरभंगा में आकर एक बार फिर ऐसी बड़ी वारदात को अंजाम दे गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। गोलू पासवान का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और खौफनाक है। 9 दिसंबर 2020 को दरभंगा के बड़ा बाजार में ही चर्चित दगरू सेठ की थोक इकाई अलंकार ज्वेलर्स से 11.5 किलो सोना, चांदी व हीरा के आभूषण समेत करोड़ों की लूट हुई थी। उस वक्त भी गोलू ने अपने साथियों प्रिंस और हनी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था और दिल्ली में ठिकाना बना लिया था। दरभंगा पुलिस ने बाद में कार सहित गोलू और समस्तीपुर के प्रेम कुमार उर्फ प्रिंस चौधरी जायसवाल को गिरफ्तार किया था।
बाइक चोर से गोल्ड लूट का मास्टरमाइंड बनने तक का सफर
गोलू पासवान की आपराधिक यात्रा 2016 तक एक मामूली बाइक चोर के रूप में शुरू हुई थी। लेकिन, 2017 से उसने सड़क लूट और डकैती जैसी बड़ी वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। 2020 में वह अचानक शातिर अपराधी और सोना लूट का मास्टरमाइंड बन गया। 12 अप्रैल 2017 को उसने समस्तीपुर शहर के वीआईपी कॉलोनी स्थित एलआईसी के सहायक शाखा प्रबंधक भारतेंदु दीपक के घर डकैती की थी।
गोलू का आपराधिक रिकॉर्ड: दरभंगा से बेगूसराय तक
गोलू की गिरफ्तारी 31 मई 2017 और फिर 26 सितंबर 2020 को हुई थी। गोसपुर गांव से पुलिस ने उसके द्वारा लूट में इस्तेमाल की गई सफेद होंडा अमेज कार भी बरामद की थी, जिससे पुलिस हैरान रह गई थी। बेगूसराय में भी गोलू ने स्विफ्ट कार का उपयोग कर घटना को अंजाम दिया था। 19 सितंबर 2020 को बेगूसराय के तेघरा में मोहन साह की थोक ज्वेलरी दुकान में हुई लूट में भी उसका नाम सामने आया था। दरभंगा की तरह बेगूसराय में भी गोलू और उसके साथियों ने मास्क का इस्तेमाल किया था। उस घटना में बेगूसराय के मंसूरचक में गश्ती दल के साथ उसकी मुठभेड़ भी हुई थी, हालांकि सभी फरार हो गए थे। उसके बाद ही उसने दरभंगा में आकर वारदातों को अंजाम दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







