back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 23, 2026
spot_img

Darbhanga News: MNREGA Scheme में बड़ा खेल, एक पुलिया पर दो योजनाओं का पैसा? JE का ‘जादुई’ दिमाग देख चकरा जाएंगे आप

spot_img
- Advertisement - Advertisement

MNREGA Scheme: दरभंगा के हनुमाननगर में सरकारी बाबूगिरी का ऐसा अजब खेल सामने आया है, जहां एक ही टोपी से दो खरगोश निकालने की तर्ज पर एक ही पुलिया पर दो-दो योजनाओं का पैसा निकालने की तैयारी चल रही है।

- Advertisement -

MNREGA Scheme में बड़ा खेल, एक पुलिया पर दो योजनाओं का पैसा? JE का ‘जादुई’ दिमाग देख चकरा जाएंगे आप

क्या है पूरा MNREGA Scheme का मामला?

- Advertisement -

दरभंगा जिले के हनुमाननगर प्रखंड की रुपौली पंचायत में मनरेगा योजना के क्रियान्वयन में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी धन की लूट का एक नायाब तरीका इजाद किया गया है, जहां भौतिक रूप से एक ही पुलिया का निर्माण कर उसे दो अलग-अलग योजनाएं बता दिया गया। इसके लिए अधिकारियों ने पुलिया के बीच में महज कुछ ईंटों की एक दीवार खड़ी कर दी और कागजों पर दो योजनाओं के नाम पर 14 लाख रुपये से अधिक की राशि की निकासी की तैयारी कर ली। इस खेल में प्रखंड मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी से लेकर कनीय अभियंता (JE) तक की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: कहीं सास-जेठानी ने बहू को दांतों से काटा, तो कहीं 5 महीने के बच्चे को मां से किया जुदा, जानें पूरा मामला

एक पुलिया, दो योजनाएं और 14 लाख का गबन

मनरेगा पोर्टल पर दर्ज जानकारी के अनुसार, इस फर्जीवाड़े को दो योजनाओं के माध्यम से अंजाम दिया गया। पहली योजना का नाम ‘रुपौली पहल में पुलिया निर्माण’ है, जिसकी प्राक्कलित राशि 5,33,562 रुपये है। इस योजना में मजदूरों के नाम पर 98,130 रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है, जबकि मटेरियल का भुगतान लंबित है।

वहीं, हैरान करने वाली बात यह है कि ठीक उसी स्थान पर एक और योजना ‘पंचायत रुपौली पहल में राजेन्द्र राय के खेत के नजदीक पुलिया निर्माण’ के नाम से दिखाई गई है। इस दूसरी योजना की लागत 8,87,959 रुपये दर्शाई गई है। इसमें भी मजदूरों को 95,113 रुपये का भुगतान हो चुका है और मटेरियल भुगतान बाकी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दोनों योजनाओं का कार्यस्थल एक ही है, जिसे महज एक दीवार खड़ी करके अलग दिखाने की कोशिश की गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

कैसे हुआ इस घोटाले का खुलासा?

नियमानुसार, किसी भी सरकारी योजना के कार्यस्थल पर एक शिलापट्ट (Information Board) लगाना अनिवार्य होता है, जिस पर योजना से जुड़ी सभी जानकारियां दर्ज होती हैं। लेकिन यहां गबन की साजिश को छिपाने के लिए कोई शिलापट्ट नहीं लगाया गया। जब स्थानीय ग्रामीण विनोद चौधरी और डघरौल निवासी राजीव राय ने इस पर सवाल उठाया तो मामले का खुलासा हुआ। बताया जा रहा है कि कनीय अभियंता ने अपने ‘जादुई दिमाग’ का इस्तेमाल कर एक पुलिया के बीच दीवार का प्रावधान कर दो अलग-अलग प्राक्कलन (Estimate) तैयार कर दिए। यह पूरा मनरेगा घोटाला विभागीय मिलीभगत के बिना संभव नहीं लगता।

अधिकारियों ने झाड़ा पल्ला, जांच की उठी मांग

जब इस संबंध में मौजूदा कार्यक्रम पदाधिकारी (PO) कुमारी श्वेता से बात की गई, तो उन्होंने मामले की जांच करने के बजाय यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह उनके कार्यकाल से पहले का मामला है और निर्माण प्राक्कलन के अनुरूप ही हुआ है। वहीं, इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने पर सीपीआई (एम) के नेता श्याम भारती और माले नेता सुनील राय ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की लोकपाल से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

क्लीन मैक्स एनवायरो आईपीओ: नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश का बड़ा अवसर

क्लीन मैक्स एनवायरो आईपीओ: नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश का बड़ा अवसरक्लीन मैक्स एनवायरो...

विजय देवरकोंडा रश्मिका मंदाना वेडिंग: शादी से पहले उदयपुर में होगी ग्रैंड डिनर पार्टी!

Vijay Deverakonda Rashmika Mandanna Wedding: साउथ सिनेमा के दो सबसे चहेते सितारे, 'अर्जुन रेड्डी'...

T20 World Cup: वेस्टइंडीज ने टी20 वर्ल्ड कप में रचा इतिहास, बनाया दूसरा सबसे बड़ा स्कोर

T20 World Cup: वेस्टइंडीज ने टी20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ तूफान मचा...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें