दरभंगा न्यूज़: जिले के समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में आज एक ऐसा वाकया सामने आया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। अपनी शारीरिक अक्षमता से जूझ रहे एक दिव्यांग को जब उम्मीद की किरण दिखी, तो जिलाधिकारी ने बिना देर किए एक ऐसा कदम उठाया, जिसने न सिर्फ उसकी राह आसान की, बल्कि कई लोगों के लिए मिसाल भी पेश की।
मामला सदर प्रखंड के निवासी मोहम्मद सुभान (पिता- अब्दुल रजाक) से जुड़ा है, जो वर्षों से आवागमन की समस्या से जूझ रहे थे। अपनी शारीरिक अक्षमता के कारण सुभान को दैनिक कार्यों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। आज, अपनी उम्मीदों का दामन थामे वे जिला पदाधिकारी कौशल कुमार के जनता दरबार में पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी व्यथा बताई और जीवन-यापन में सुगमता तथा आत्मनिर्भरता के लिए बैटरी चालित ट्राईसाइकिल की मांग की। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने उनकी समस्याओं को अत्यंत संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना।
डीएम की त्वरित कार्रवाई और मानवीय पहल
जिलाधिकारी ने मौके पर ही दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग के सहायक निदेशक आशीष अमन को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। आदेश मिलते ही विभागीय प्रक्रिया को तुरंत पूरा किया गया और चंद पलों में ही मोहम्मद सुभान के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। स्वयं जिलाधिकारी कौशल कुमार ने अपने कर कमलों से मोहम्मद सुभान को बैटरी चालित ट्राईसाइकिल और एक हेलमेट प्रदान किया। यह त्वरित सहायता पाकर मोहम्मद सुभान की खुशी का ठिकाना न रहा। उन्होंने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
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दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण का संकल्प
इस अवसर पर ट्राईसाइकिल की चाबी सौंपते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि दरभंगा जिला प्रशासन दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह कृतसंकल्पित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे प्रयासों से दिव्यांगजन न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि उन्हें अपने दैनिक कार्यों को निपटाने में भी सहायता मिलेगी।
इस मानवीय पहल के दौरान उप विकास आयुक्त स्वप्निल, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) राकेश कुमार और उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद सहित अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी उपस्थित रहे।



