Darbhanga: शहर का कमतौल इलाका आजकल एक बड़ी समस्या से जूझ रहा है। थोड़ी सी बारिश होते ही यहां की सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं, जिससे राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। आखिर क्यों हर साल यह समस्या मुंह बाए खड़ी हो जाती है और प्रशासन क्यों आंखें मूंदे बैठा है?
क्यों होती है कमतौल में समस्या?
दरभंगा के कमतौल-अहियारी नगर पंचायत के वार्ड एक स्थित कोटपट्टी मोड़ पर बेमौसम बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हल्की बारिश के बावजूद सड़कों पर जलजमाव हो जाता है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। हैरानी की बात यह है कि यहां नाले का निर्माण भी कराया गया है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंगलवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद एक बार फिर सड़क पर पानी भर गया, जिसे बाद में मशीन से निकाला गया।
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प्रशासन की अनदेखी और जनता का आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलजमाव होने पर प्रशासन मशीन लगाकर पानी तो निकाल देता है, लेकिन इस समस्या के मूल कारणों की पहचान कर उसे दूर करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं करता। प्रशासन की लापरवाही की यह तस्वीर अक्सर देखने को मिलती है। स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस जलजमाव के कारण राहगीर आए दिन दुर्घटना का शिकार भी होते रहते हैं।
स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है कि हल्की बारिश में भी सड़कों पर Waterlogging होना अब इस इलाके की पहचान बन गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
स्थायी समाधान की मांग
जनता अब इस समस्या का स्थायी समाधान चाहती है। उनका कहना है कि सिर्फ पानी निकालने से काम नहीं चलेगा, बल्कि नाले की सफाई, अतिक्रमण हटाना और उचित जल निकासी प्रणाली का निर्माण बेहद जरूरी है। इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई न होने से लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







