
Darbhanga News: केवटी से लापता युवक की मधुबनी में मिली लाश, परिजनों ने पीट-पीटकर हत्या का लगाया आरोप, मचा कोहराम
Darbhanga News: नियति का खेल भी बड़ा निराला होता है, कब किसकी कहानी में कौन सा मोड़ आ जाए, कोई नहीं जानता। केवटी थाना क्षेत्र से लापता एक युवक की कहानी का अंत इतना दर्दनाक होगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। जब युवक का शव घर पहुंचा तो पूरे गांव में कोहराम मच गया।
Darbhanga News: एक सप्ताह से लापता था युवक
केवटी थाना क्षेत्र के पैगम्बरपुर गांव से एक सप्ताह पूर्व रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हुए राम चन्द्र साह के 30 वर्षीय पुत्र पवन कुमार साह की मौत की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मंगलवार को जब पवन का शव गांव पहुंचा, तो कोहराम मच गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि पवन पिछले गुरुवार की रात करीब दो बजे घर की चहारदीवारी फांदकर किसी को बिना कुछ बताए निकल गया था।
पवन के गायब होने के बाद से ही उसकी मां लुखिया देवी और अन्य परिजन लगातार उसकी खोजबीन कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि पवन सदर थाना क्षेत्र के बुच्चा मोड़ स्थित एक शिव मंदिर पर देखा गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। परिवार वालों के लिए यह एक उम्मीद की किरण थी, लेकिन उनकी यह खुशी जल्द ही मातम में बदल गई।
परिजनों का गंभीर आरोप
पवन की मां और बहन ने जो आरोप लगाए हैं, वे दिल दहला देने वाले हैं। उनका कहना है कि सोमवार को शिव मंदिर के पास कुछ स्थानीय बदमाशों ने पवन को बेवजह लाठी-डंडों से पानी में डुबो-डुबोकर पीटा। इस निर्मम पिटाई से वह अधमरा हो गया था। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद बदमाश उसे उठाकर ले गए और मधुबनी जिले के सकरी थाना क्षेत्र स्थित नरपति नगर के पास एक पुल के निकट सड़क किनारे फेंक दिया। इस मामले में हत्या का आरोप लगाते हुए परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है।
सकरी थाने की पुलिस को मंगलवार को पवन का शव उसी स्थान से बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कौन था मृतक पवन?
मृतक के पिता राम चन्द्र साह मूल रूप से पैगम्बरपुर के रहने वाले हैं, लेकिन वर्तमान में वह पैगम्बरपुर और दड़िमा गांव की सीमा पर मकान बनाकर रहते हैं। वह दड़िमा चौक पर चाय-नाश्ते की एक छोटी सी दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पवन उनके पांच पुत्रों और एक पुत्री में चौथे नंबर पर था। बताया जाता है कि पवन की मानसिक हालत भी ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उसकी दो शादियां भी हुई थीं, लेकिन दोनों ही पत्नियां कुछ कारणों से उसे छोड़कर चली गई थीं। इस घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है।





