

Darbhanga News: स्वास्थ्य व्यवस्था की सेहत जब खुद वेंटिलेटर पर पहुंच जाए और मरहम लगाने वाले हाथ ही जेब काटने लगें तो आम आदमी न्याय की गुहार लेकर कहां जाए? दरभंगा के केवटी से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी अस्पताल में प्रसव के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है।
मामला केवटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का है। यहां रनवे गांव के रहने वाले शंकर साह ने अपनी गर्भवती पुत्री को प्रसव के लिए भर्ती कराया था। 22 जनवरी को सफल प्रसव के बाद प्रसव कक्ष में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने कथित रूप से उनसे पैसों की मांग की। शंकर साह के अनुसार, जीएनएम सुनीता कुमारी और एएनएम सुलेखा कुमारी ने अच्छी सेवा और अन्य मदों का हवाला देते हुए उनसे कुल 2700 रुपए ले लिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में व्याप्त ‘सुविधा शुल्क’ के चलन को उजागर कर दिया है।
Darbhanga News: पीड़ित ने आवेदन देकर लगाई न्याय की गुहार
इस आर्थिक शोषण के खिलाफ आवाज उठाते हुए शंकर साह ने केवटी सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को एक लिखित आवेदन दिया है। अपने आवेदन में उन्होंने पूरी घटना का खुलासा करते हुए आरोपी स्वास्थ्य कर्मियों, जीएनएम सुनीता कुमारी और एएनएम सुलेखा कुमारी, पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने न्याय की उम्मीद में आवेदन की एक प्रति दरभंगा के सिविल सर्जन (सीएस) को भी भेजी है। यह घटना उन गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा झटका है जो मुफ्त और बेहतर इलाज की उम्मीद में किसी सरकारी अस्पताल का रुख करते हैं।
पीड़ित परिवार का कहना है कि जब उन्होंने पैसे देने में आनाकानी की तो उन्हें बच्ची और जच्चा की देखभाल में लापरवाही की परोक्ष धमकी भी दी गई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल के अन्य कर्मचारी भी सकते में हैं।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएचसी केवटी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निर्मल कुमार लाल ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि शंकर साह द्वारा दिया गया आवेदन उन्हें प्राप्त हो गया है और इस मामले की गहन जांच का आदेश दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।
डॉ. लाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर जांच में दोनों स्वास्थ्य कर्मी दोषी पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मरीजों का शोषण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।


