
सवाल है क्यों? आखिर क्यों केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा को आमरण अनशन करने की जरूरत महसूस हुईं। क्यों केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा जवाहर नवोदय के छात्र जतिन गौतम की मौत से मर्माहत हैं। दु:खी हैं। इस मौत को लेकर BJP विधायक डॉ. झा ने क्यों सीधा हल्लाबोल कर दिया है! आखिर ऐसी नौबत क्यों@ क्यों ऐलान करना पड़ा, 15 जुलाई से वह आमरण अनशन पर बैठेंगे। सवाल है क्यों?
कौन छुपा रहा है सच्चाई? साजिश। हल्लाबोल। FIR स्टॉर्म। अनशन? विधायक मुरारी मोहन झा से खास बातचीत
मौत रहस्य बन गई। परिवार को अब तक इंसाफ नहीं। क्यों चुप है स्कूल प्रशासन?, कौन छुपा रहा है सच्चाई? साजिश। हल्लाबोल। राज़। FIR स्टॉर्म। अनशन। CBI जांच की मांग।

MLA डॉ. मुरारी मोहन झा का बड़ा ऐलान। सियासी भूचाल के बीच देशज टाइम्स के मनोरंजन ठाकुर ने विधायक मुरारी मोहन झा से पूरे घटनाक्रम को लेकर बातचीत की। जानिए केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने क्या कहा…
केवटी नवोदय विद्यालय का वार्डेन कहां था?
केवटी नवोदय विद्यालय का वार्डेन कहां था!? जब विद्यालय में एक दिन में बारह से सोलह बार के करीब हाजिरी बनती है। प्रार्थना से लेकर, कक्षा और खाने की मेज तक। फिर उस दिन आठवीं के छात्र जतिन गौतम की खोज क्यों नहीं हुईं?पहला सवाल।
अभिभावक परेशान थे, उसकी तहकीकात क्यों नहीं की गईं?
दूसरा यह, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते अपनी बात रखने वाले 21 नामजद व 15 सौ अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों किया गया? तीसरा और सबसे अहम सवाल…अगर प्रशासनिक पक्ष को ही समझा जाए कि उसने खुदकुशी की तो फिर सवाल यही है मेरा… बार-बार छात्र खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहा था…शिकायत कर रहा था, अभिभावक परेशान थे, उसकी तहकीकात क्यों नहीं की गईं?
विधायक ने बताया, चौंकाने वाला मामला सामने आया
केवटी विधायक मुरारी मोहन झा, आक्रोशित हैं। वह सीधा सवाल करते हैं। साथ में देशज टाइम्स को बताते हैं, जब वह वहां विद्यालय गए। छात्रों से सीधी बातचीत की। तो चौंकाने वाला मामला सामने आया। विद्यालय के भीतर रैगिंग होती है? जब रैगिंग को लेकर स्पष्ट आदेश है? फिर रैगिंग की जांच कौन करेगा? छात्रों से वहां लगातार रैगिंग की घटना हो रही है। इससे बच्चे प्रताड़ित महसूस करते हैं।
विधायक मुरारी मोहन झा कहते हैं, प्रशासन के मुताबिक यह आत्महत्या है। माना, लेकिन सवाल यही है
केवटी विधायक मुरारी मोहन झा, कहते हैं, प्रशासन के मुताबिक यह आत्महत्या है। माना, लेकिन सवाल यही है कि इस आत्महत्या के पीछे की वजह क्या है? इसके भीतर कौन झांककर उस पीड़ा को समझेगा जिस वजह से एक होनहार छात्र को खुदकुशी करने पर विवश होना पड़ा? आखिर क्या मजबूरियां रहीं होंगी? यह कौन पता लगाएगा?
एक छात्र फांसी के फंदे पर झूलता अपने ही स्कूल के वार्ड में उस छात्रावास में मिलता है, आखिर इसकी वजह क्या है?
केवटी विधायक मुरारी मोहन झा, तेरह साल का एक छात्र फांसी के फंदे पर झूलता अपने ही स्कूल के वार्ड में उस छात्रावास में मिलता है, आखिर इसकी वजह क्या है? इसकी तहकीकात क्यों नहीं हो रही? उसे प्रताड़ित करने के पीछे की सच्चाई कौन जानेगा? या अब तक जानने की कोशिश की है?
जड़ तक तहकीकात करने से पहले?
केवटी विधायक मुरारी मोहन झा, कहते हैं, इससे उलट प्रशासन ने छात्र की संदिग्ध मौत की जड़ तक तहकीकात करने से पहले, जतिन गौतम के संदिग्ध मौत के सिलसिले में रैयाम थाना में 21 नामजद समेत 15 सौ अन्य पर एफआईआर कांड संख्या 50/025 दर्ज कर दी गई।
अब ? केवटी विधायक मुरारी मोहन झा, कहते हैं,
अब क्या होगा? केवटी विधायक मुरारी मोहन झा, कहते हैं, अब आमरण अनशन पर बैठूंगा। पंद्रह जुलाई से हम अपनी मांगों के साथ आमरण अनशन पर बैठेंगे।
पहले यह जानिए विधायक ने क्यों की CBI जांच की मांग?
रविवार को रामेश्वर नाथ मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में भाजपा विधायक डॉ. झा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पीड़ित परिवार से संवाद तक नहीं किया। मृतक के चचेरे दादा समेत 21 लोगों को नामजद और 1500 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर दिया गया, जो दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होता है। स्कूल प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज तक नहीं दिखाया। परिवार की बजाय संदिग्धों के बयान को ज्यादा तवज्जो दी गई।
जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वे अनशन खत्म नहीं करेंगे
जिले के पचाढ़ी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में आठवीं कक्षा के छात्र जतिन गौतम की रहस्यमयी मौत को लेकर अब मामला राजनीतिक मोड़ लेता जा रहा है। BJP विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने इस घटना की CBI जांच की मांग करते हुए 15 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वे अनशन खत्म नहीं करेंगे।
अगले कदम क्या हो सकते हैं? मेरी तो प्रतिबद्धता है
15 जुलाई को अनशन के ऐलान के साथ पूरे बिहार की राजनीति गरमा गई है।प्रशासन पर जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का दबाव बढ़ गया है।
यही सवाल जब विधायक मुरारी मोहन झा से पूछा गया तो उनका कहना था…
यही सवाल जब विधायक मुरारी मोहन झा से पूछा गया तो उनका कहना था, हां, जब से रविवार को रामेश्वर नाथ मंदिर परिसर में मैंने यह घोषणा की कि हम पंद्रह जुलाई से आमरण अनशन पर बैठेंगे, लगातार प्रशासन की ओर से ऐसा नहीं करने का अनुरोध किया जा रहा है। इसको लेकर आज शाम में फिर बैठक होगी। आगे क्या करना है विचार होगा? लेकिन अब तो जनता के साथ मेरी प्रतिबद्धता है।
क्या है पूरा मामला?
8 जुलाई को जतिन गौतम, जो केवटी मुखिया रूबी देवी का पुत्र था, का शव छात्रावास के कमरे में पंखे से लटका मिला। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या बताया, लेकिन परिजनों और स्थानीय लोगों ने इस पर गहरी आपत्ति जताई है।परिजनों का आरोप है कि जतिन के शरीर पर चोट के निशान थे, जो आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल उठाते हैं।
21 नामजद और 1500 अज्ञात पर एफआईआर क्यों?
इधर, नवोदय विद्यालय के आठवीं कक्षा के छात्र जतिन गौतम की संदिग्ध मौत के बाद उपजे हालात में रैयाम थाना में बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 21 नामजद और 1500 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई है।
एफआईआर में इनके भी हैं नाम?
इसमें शामिल प्रमुख लोगों में विजय सहनी, राजेश यादव, सूरज सहनी, किशन साह, संजय यादव, जितेंद्र कुमार, राजा सहनी, गणेश साह, मनीष कुमार साह, बैधनाथ साह, राहुल यादव, मुकेश सहनी, राकेश कुमार, मुकेश कुमार राम, संतोष यादव, राम बाबू यादव, हेमंत भगत (साथ ही अन्य नामजद आरोपी) शामिल हैं। विधायक मुरारी मोहन झा का कहना है, पुलिस को इसको लेकर पुनर्विचार करने की जरूरत है।
स्थानीय जनता का कहना है…
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस मामले को दबा रही है। स्कूल प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। न्याय की बजाय लीपापोती की जा रही है।
क्या कह रहे हैं विधायक मुरारी मोहन झा?
“हमने एक बच्चा खोया है। प्रशासन ने संवेदना जताना तक जरूरी नहीं समझा। न्याय के लिए मैं 15 जुलाई से आमरण अनशन करूंगा और जब तक CBI जांच की घोषणा नहीं होती, मैं पीछे नहीं हटूंगा।”
— डॉ. मुरारी मोहन झा, विधायक (BJP)
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