

Filaria Prevention: किसी ने सही कहा है, दुश्मन छोटा हो या बड़ा, उसे कभी कमजोर नहीं समझना चाहिए। एक नन्हा सा मच्छर जब विकराल हाथीपांव का कारण बन जाए, तो समझिए लड़ाई बड़ी है। इसी बड़ी लड़ाई को जीतने के लिए दरभंगा जिला प्रशासन ने कमर कस ली है और 10 फरवरी से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए ‘सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम’ का आगाज करने जा रहा है।
दरभंगा समाहरणालय स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में इस महाभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण जिला कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षा, पंचायती राज, नगर निगम, आईसीडीएस और समाज कल्याण समेत कई प्रमुख विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया, ताकि अभियान को सफल बनाने के लिए एक संयुक्त रणनीति तैयार की जा सके। बैठक का एकमात्र लक्ष्य था जिले के हर नागरिक तक फाइलेरिया की दवा पहुंचाना और इस गंभीर बीमारी की श्रृंखला को पूरी तरह से तोड़ना।
Filaria Prevention के लिए स्वास्थ्य विभाग की विशेष रणनीति
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फाइलेरिया, जिसे आम भाषा में हाथीपांव भी कहा जाता है, क्यूलेक्स मादा मच्छर के काटने से फैलता है। यह रोग शरीर के लसिका तंत्र को भारी नुकसान पहुंचाता है और समय पर रोकथाम न होने पर स्थायी दिव्यांगता का कारण बन सकता है। इससे बचने का एकमात्र प्रभावी तरीका समय पर दवा का सेवन और मच्छरों पर नियंत्रण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी उद्देश्य से, इस Mass Drug Administration कार्यक्रम के तहत जिले के प्रत्येक नागरिक को डीईसी, एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन की खुराक दी जाएगी।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की तैयारी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जीविका, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। यह सामूहिक प्रयास ही इस अभियान की सफलता की कुंजी साबित होगा।
जीविका दीदियां बनेंगी अभियान की सारथी
इस महाभियान में जीविका दीदियों को सबसे अग्रणी भूमिका सौंपी गई है। वे न केवल घर-घर जाकर लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करेंगी, बल्कि खुद भी एक मिसाल पेश करेंगी। अभियान के तहत यह तय किया गया है कि जीविका दीदियां पहले स्वयं दवा का सेवन करेंगी, ताकि समाज में दवा की सुरक्षा को लेकर एक सकारात्मक संदेश जाए। उनकी भागीदारी से न केवल दवा सेवन की दर बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में फाइलेरिया के प्रति जागरूकता भी तेजी से फैलेगी।
इस पहल को और मजबूती देने के लिए 11 फरवरी 2026 को जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर एक विशेष मेगा कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह कैंप खास तौर पर जीविका दीदियों और उनके परिवार के सभी योग्य सदस्यों के लिए होगा, जहां उन्हें दवा खिलाने के साथ-साथ फाइलेरिया उन्मूलन पर जागरूक भी किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
दवा सेवन में इन बातों का रखें विशेष ध्यान
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसे चिकित्सकों की देखरेख में ही दिया जाएगा। हालांकि, कुछ सावधानियां बरतनी आवश्यक हैं। दवा का सेवन हमेशा खाना खाने के बाद ही करना है और एल्बेंडाजोल की गोली को चबाकर खाना है। स्वास्थ्यकर्मी यह सुनिश्चित करेंगे कि लोग उनके सामने ही दवा का सेवन करें। किसी भी तरह की असहजता होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
दवा का सेवन किसे नहीं करना है, यह जानना भी बेहद जरूरी है:
- दो साल से कम उम्र के बच्चे
- गर्भवती महिलाएं
- किसी भी गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्ति
जिलाधिकारी ने अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी नागरिक जानकारी के अभाव में इस जीवन-रक्षक दवा से वंचित न रह जाए। प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि आने वाले वर्षों में दरभंगा फाइलेरिया मुक्त बन सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक सामुदायिक लड़ाई है, जिसमें हर नागरिक का सहयोग अपेक्षित है।

