spot_img

Bihar Foundation Day: दरभंगा में 115 साल पुरानी यादों का जश्न, वकीलों ने केक काटा और नक्शा दिखाकर कहा- यह हमारे गौरव का प्रतीक

spot_img
- Advertisement -

Bihar Foundation Day: इतिहास जब करवट लेता ہے तो नई तारीखें जन्म लेती हैं। ठीक 115 साल पहले जब बंगाल से अलग होकर एक नए सूबे ने अंगड़ाई ली, तो उसकी विरासत का जश्न आज दरभंगा की अदालत में मनेगा, यह शायद ही किसी ने सोचा होगा।

- Advertisement -

क्यों खास रहा यह Bihar Foundation Day?

दरभंगा बार एसोसिएशन भवन में बुधवार को Bihar Foundation Day के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता वरीय अधिवक्ता रमण जी चौधरी ने की। यहां वकीलों ने न केवल केक काटकर अपनी खुशी का इजहार किया, बल्कि 1 अप्रैल 1912 को स्थापित ‘बिहार एंड उड़ीसा प्रांत’ के ऐतिहासिक नक्शे को प्रदर्शित कर उस गौरवशाली क्षण को भी याद किया। यह माहौल किसी उत्सव से कम नहीं था।

- Advertisement -

इस अवसर पर लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने अपने संबोधन में कहा, “इस राज्य की स्थापना के लिए अधिवक्ता सच्चिदानंद सिन्हा के नेतृत्व में सैकड़ों वकीलों ने लंबा संघर्ष किया था। उन्हीं के अथक प्रयासों से हमारा प्रांत स्वतंत्र अस्तित्व में आया, जो हमारे आत्म-सम्मान और गौरव का सबसे बड़ा प्रतीक है।” उन्होंने यह भी बताया कि ‘बिहार एंड उड़ीसा प्रांत’ के पहले उप-राज्यपाल सर चार्ल्स स्टुअर्ट बेली थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhaga Education News: श्री कृष्णा आइडियल पब्लिक स्कूल की शिक्षा और संस्कार के 12 गौरवशाली साल, भव्य समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम, विद्यालय वर्षगांठ पर दिखा अद्भुत नज़ारा

बंगाल से कैसे अलग हुआ बिहार? जानिए पूरा इतिहास

वरीय अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बिहार एवं उड़ीसा राज्य को अस्तित्व में लाने के लिए 22 मार्च 1912 को अधिसूचना संख्या 289 जारी की गई थी। इसके बाद 1 अप्रैल 1912 से यह नवगठित राज्य पूरी तरह से अस्तित्व में आया, जिसकी राजधानी पटना को बनाया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस ऐतिहासिक बिहार स्थापना दिवस की नींव बहुत मजबूत थी।

इस नए प्रांत के गठन के समय इसमें पांच प्रमंडलों के कुल 21 जिलों को बंगाल प्रांत से अलग कर शामिल किया गया था। इन प्रमंडलों और जिलों का विवरण इस प्रकार है:

  • भागलपुर प्रमंडल: मुंगेर, भागलपुर, पूर्णिया, संथाल परगना
  • पटना प्रमंडल: गया, पटना, शाहाबाद
  • तिरहुत प्रमंडल: चम्पारण, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सारण
  • छोटानागपुर प्रमंडल: हजारीबाग, मानभूमि, पलामू, रांची, सिंहभूम
  • ओडिशा प्रमंडल: अंगुल, बालासोर, कटक, पुरी, सम्बलपुर
यह भी पढ़ें:  दरभंगा सोना लूट: बड़ी कामयाबी! 2 करोड़ की डकैती में 12 गिरफ्तार, 'लाइनर' और माल छुपाने वाली महिला भी दबोची

देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

राज्य स्थापना दिवस पर मौजूद अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को केक खिलाकर और उस ऐतिहासिक नक्शे के साथ तस्वीरें खिंचवाकर अपनी खुशी का इजहार किया। इस यादगार मौके पर अधिवक्ता बिरेंद्र कुमार सिंह, संजीव कुमार कुंवर, हेमंत कुमार, अरुण कुमार सिंह, कुमार उत्तम, हीरानंद मिश्र, विष्णुकांत चौधरी, अनिल कुमार मिश्रा, रामवृक्ष सहनी, नितीश कुमार, संतोष सिन्हा, सुधीर कुमार चौधरी, संजीव कुमार, बूलन कुमार झा, कुलदीप दिवान, पारा विधिक स्वयंसेवक प्रेमनाथ सिंह और विनय कुमार झा समेत बड़ी संख्या में अधिवक्तागण मौजूद थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Train Rescheduling: दानापुर मंडल में कई ट्रेनों का बदला समय, यात्रा से पहले जानें अपडेट

Train Rescheduling: अगर आप अगले कुछ दिनों में ट्रेन से यात्रा करने की योजना...

भागलपुर में हज यात्रियों के लिए विशेष आयोजन: DM ने दी शुभकामनाएं, बांटे किट

Hajj Pilgrims: भागलपुर से हज यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है!...

अकबरनगर में Scheme Inspection: वार्डों में विकास कार्यों की गुणवत्ता का हुआ निरीक्षण

Scheme Inspection: अकबरनगर में क्या चल रहा है? यह जानने के लिए अधिकारी खुद...

गंगा संरक्षण: कहलगांव की उत्तरवाहिनी गंगा क्यों बन रही चिंता का विषय? आस्था से आगे अब जिम्मेदारी की पुकार!

गंगा संरक्षण: गंगा की निर्मल धारा और हमारी सभ्यता का अटूट रिश्ता! लेकिन बिहार...