
Darbhanga Liquor Smuggling: बिहार में मद्यनिषेध का शिकंजा भले ही कस रहा हो, पर अवैध शराब के सौदागर अपनी जाल बिछाने से बाज नहीं आ रहे। मगर अब, कानून के लंबे हाथ इन्हें पाताल से भी खींच निकालने को तैयार हैं। दरभंगा पुलिस और मद्य निषेध विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर लहेरियासराय थाना क्षेत्र के बैंकर्स कॉलोनी में शनिवार देर रात छापेमारी कर भारी मात्रा में विदेशी शराब के साथ एक कार और चार धंधेबाजों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई मद्य निषेध अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
गिरफ्तार धंधेबाजों की पहचान समस्तीपुर जिले के नगर थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड, गुदरी बाजार निवासी अमित ठाकुर, लहेरियासराय थाना क्षेत्र के बेलवागंज निवासी बबलू सिंह, मदारपुर निवासी अभिषेक कुमार उर्फ रोशन और नगर थाना क्षेत्र के गुल्लोबाड़ा, मशरफ बाजार निवासी शुभम कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से स्लेटी रंग की एक कार के साथ कुल 876 लीटर विदेशी शराब जब्त की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Darbhanga Liquor Smuggling: कैसे हुआ भंडाफोड़?
मद्य निषेध अधीक्षक प्रदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह शराब पश्चिम बंगाल से दरभंगा लाई गई थी। शराब को सिर्फ कार में ही नहीं, बल्कि बैंकर्स कॉलोनी स्थित एक मकान के किचन में भी छिपाकर रखा गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस शराब की खेप को मुख्य रूप से अमित ठाकुर लेकर आया था, जबकि अन्य तीन धंधेबाज भी निचले स्तर पर इस अवैध कारोबार में संलिप्त थे। पुलिस लगातार शराब तस्करों पर शिकंजा कस रही है।
गिरफ्तार किए गए सभी धंधेबाजों को रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार में शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासन पूरी तरह कटिबद्ध है। यह केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अवैध शराब कारोबारियों के लिए एक कड़ा संदेश है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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बंगाल से बिहार तक फैला नेटवर्क
मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। यह सिर्फ स्थानीय तस्करों का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा अंतर्राज्यीय सिंडिकेट होने की आशंका है। पुलिस टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि इन धंधेबाजों के तार और किन-किन जगहों से जुड़े हुए हैं और कौन-कौन लोग इस अवैध कारोबार को संरक्षण दे रहे हैं। पुलिस का मानना है कि ऐसे मामलों में छोटे धंधेबाजों की गिरफ्तारी से बड़े सप्लायरों तक पहुंचना आसान हो जाता है। यह बड़ी कार्रवाई शराब तस्करों पर शिकंजा कसने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन का लक्ष्य है कि बिहार को पूरी तरह से शराबमुक्त बनाया जा सके, जिसके लिए लगातार छापेमारी और निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं।





