
Darbhanga News: जैसे एक चिंगारी पूरे जंगल को रोशन कर सकती है, वैसे ही शिक्षा की एक किरण पूरे वंश का भविष्य बदल देती है। दरभंगा के अलीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने शिक्षा की ताकत पर ऐसा ही कुछ कहा, जो आज के समाज के लिए एक आईना है।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभाग के प्राध्यापक, प्रोफेसर मुनेश्वर यादव ने अलीनगर के श्यामपुर में जन कल्याणकारी सह शिक्षा विकास मंच के वार्षिकोत्सव को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ज्ञान का वह भंडार है जो मनुष्य में आमूलचूल परिवर्तन लाता है। उन्होंने गांधीजी का उदाहरण देते हुए कहा, “गांधी में शिक्षा न होती तो वह गांधी नहीं होते, एक व्यक्ति मात्र होते।” प्रोफेसर यादव ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा कुछ नहीं होकर भी सब कुछ है; जिसमें यह अच्छे से समाहित हो जाती है, उसका केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा वंश बदल जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा का महत्व केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक बनाकर हर मोड़ पर बेहतर प्रदर्शन करना है।
Darbhanga News: शिक्षक सम्मान और समाज की भ्रांतियां
प्रोफेसर मुनेश्वर यादव ने समाज में शिक्षकों के प्रति घटते सम्मान पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आज लोग बच्चे का जन्मदिन मनाते हैं, सगे-संबंधियों को बुलाते हैं, लेकिन किसी शिक्षक को नहीं बुलाते, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने समाज की उस कड़वी सच्चाई को भी उजागर किया जहां लोग शिक्षकों को सम्मान देने के बजाय उनका अपमान करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे माहौल में बच्चों के बेहतर भविष्य की कल्पना कैसे की जा सकती है? इसी वजह से शिक्षक भी मजबूर होकर किसी तरह अपनी नौकरी पूरी करने की मानसिकता में रहते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
वार्षिकोत्सव में सम्मान और प्रतियोगिता का दौर
कार्यक्रम के दौरान मंच की ओर से प्रोफेसर मुनेश्वर यादव को सम्मानित किया गया। इसके बाद, मैथिली गायिका शिवानी झा को ‘स्वर कोकिला शारदा सिन्हा सम्मान’ से नवाजा गया, जो कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रहा। इस अवसर पर शिक्षाविद विनोद मिश्र, बीडीओ ललित कुमार मिश्रा, और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मसलेह उद्दीन समेत कई स्थानीय पत्रकारों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा निबंध और क्विज प्रतियोगिता भी थी, जिसमें 131 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले लगभग दो दर्जन छात्र-छात्राओं को अतिथियों के हाथों स्मृति चिन्ह, मेडल और प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, अच्छा प्रदर्शन करने वाले अन्य प्रतिभागियों को भी प्रमाण पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया गया।
मंच पर दिखी सामाजिक जागरूकता की झलक
कार्यक्रम में केवल भाषण और सम्मान ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार भी देखने को मिले। छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर सभी दर्शकों का मन मोह लिया और उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों और मंच के सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। मंच का सफल संचालन संस्था के सचिव एम. ए. सारिम ने किया। कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि विनोद मिश्र, डॉ. खबीरूल हसन, प्रमुख प्रतिनिधि राजीव कुमार यादव और शिक्षक डॉ. शशि ललन समेत कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। स्वागत भाषण आतिफ हुसैन ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मनीष कुमार देव ने किया। इस सफल आयोजन के पीछे मंच के अध्यक्ष निर्भय यादव, उपाध्यक्ष विजय कुमार देव, और कोषाध्यक्ष तनवीर हसन समेत पूरी टीम का सक्रिय योगदान रहा।





