

Darbhanga News: संतों के चोले पर लगते दाग थमने का नाम नहीं ले रहे। एक और कथित संत पर लगे गंभीर आरोपों ने संत समाज को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। सोमवार को नाबालिग से दुष्कर्म के एक चर्चित मामले में आरोपी कथित संत राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा ने जमानत याचिका के साथ अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
Darbhanga News: कोर्ट ने इन शर्तों पर दी जमानत
पॉक्सो की विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद आरोपी को जमानत दे दी। न्यायालय ने मौनी बाबा को 50-50 हजार रुपये के दो जमानत बांड भरने का आदेश दिया। हालांकि, जमानतदारों द्वारा बांड भरने की प्रक्रिया में कुछ देरी हुई, जिस वजह से अभियुक्त को कुछ घंटे कोर्ट प्रकोष्ठ में ही रहना पड़ा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शाम करीब साढ़े चार बजे जमानत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। कोर्ट ने जमानत देते हुए कुछ कड़ी शर्तें भी लगाई हैं:
- आरोपी मौनी बाबा को बिना कोर्ट को सूचित किए दरभंगा जिला छोड़कर बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी।
- वह भविष्य में पीड़िता या मामले की सूचिका पर खुद या अपने शिष्यों के माध्यम से किसी भी तरह का दबाव नहीं डालेंगे या उन्हें प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला महिला थाना कांड संख्या 182/25 से जुड़ा है, जिसमें IPC की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी मौनी बाबा पर आरोप है कि उन्होंने नाबालिग पीड़िता की शादी जबरन अपने भतीजे और शिष्य श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर से करा दी थी। इस मामले का मुख्य आरोपी और मौनी बाबा का शिष्य श्रवण दास पहले से ही 17 जनवरी से जेल में बंद है। उसकी जमानत याचिका 5 फरवरी को पॉक्सो कोर्ट से खारिज हो चुकी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। गौरतलब है कि इससे पहले न्यायालय ने 20 फरवरी को आरोपी मौनी बाबा की अग्रिम जमानत याचिका को निष्पादित करते हुए उन्हें अदालत में आत्मसमर्पण कर नियमित जमानत लेने का आदेश दिया था। इसी आदेश के पालन में उन्होंने सोमवार को सरेंडर किया था।


