दरभंगा न्यूज: खेतों में तेजी से रबी फसलों की बोआई चल रही है, कहीं बुआई पूरी हो चुकी है तो कहीं किसान पटवन की तैयारी में जुटे हैं। लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी और जमीनी हकीकत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह है कि क्या समय पर सिंचाई की चुनौती से पार पा पाएंगे अन्नदाता?
दरभंगा समेत पूरे क्षेत्र में रबी फसलों की बोआई अपने चरम पर है। कई किसानों ने तो निर्धारित समय से पहले ही अपनी खेतों में गेहूं, दलहन और तेलहन जैसी फसलों की बुआई कर ली है। शुरुआती उत्साह के बावजूद, अब इन किसानों के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। दरअसल, जिन किसानों ने अगात यानी समय से पहले बोआई की थी, उनकी फसलें अब सिंचाई के लिए तैयार हो चुकी हैं। ऐसे में फसलों को पर्याप्त पानी मिलना उनकी अच्छी पैदावार के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में सिंचाई के साधनों की कमी और बिजली की अनियमित आपूर्ति जैसी समस्याएं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच रही हैं।
सिंचाई की चुनौतियां और किसानों की बेबसी
परंपरागत सिंचाई के स्रोत जैसे कुएं और नहरें कई जगहों पर सूख चुके हैं या पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में किसानों की निर्भरता डीजल पंप या बिजली से चलने वाले बोरिंग पर बढ़ जाती है। हालांकि, बिजली की कटौती और डीजल के बढ़ते दाम किसानों के लिए दोहरी मार साबित हो रहे हैं। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह आर्थिक बोझ उठाना मुश्किल हो रहा है। कई किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर बोआई की है और अगर समय पर फसलों को पानी नहीं मिला, तो उनकी पूरी मेहनत बर्बाद हो सकती है। यह स्थिति न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करेगी, बल्कि खाद्य सुरक्षा पर भी इसका असर पड़ सकता है।
सरकारी प्रयासों की उम्मीद और जमीनी हकीकत
हालांकि, सरकार किसानों को सिंचाई सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएँ चला रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इनकी पहुँच अभी भी सीमित है। कई क्षेत्रों में किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है या निजी बोरिंग मालिकों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो अक्सर अधिक शुल्क वसूलते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते अगर सिंचाई की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर रबी फसलों की पैदावार पर पड़ेगा। यह सिर्फ किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा झटका होगा। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देगा और उनके लिए ठोस कदम उठाएगा।
कुल मिलाकर, दरभंगा के किसान इस समय रबी की अच्छी पैदावार की उम्मीद तो पाले हुए हैं, लेकिन सिंचाई की अनिश्चितता ने उनके मन में डर पैदा कर दिया है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह चुनौती कैसे सुलझ पाती है और क्या अन्नदाता अपनी मेहनत का फल पा पाते हैं।



