

Mithila Painting: रंगों की कूची जब दीवारों से मिलती है, तो इतिहास और संस्कृति जीवंत हो उठती है। दरभंगा की धरती एक बार फिर इसी कला संगम की साक्षी बन रही है, जहाँ कलाकारों की कल्पनाएं दीवारों पर आकार ले रही हैं। जिला प्रशासन, दरभंगा के तत्वावधान में मिथिला लोक उत्सव-2026 के हिस्से के रूप में एक भव्य दीवार पेंटिंग प्रतियोगिता का आगाज हो चुका है। यह आयोजन लहेरियासराय स्थित प्रेक्षागृह-सह-आर्ट गैलरी में हो रहा है, जिसकी चयनित दीवारें अब कलाकारों के लिए कैनवास बन चुकी हैं। यह पांच दिवसीय प्रतियोगिता 25 फरवरी 2026 तक चलेगी, जिसमें 50 से अधिक प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Mithila Painting प्रतियोगिता में दो आयु वर्ग के कलाकार
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री चंदन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में बांटा गया है। पहले वर्ग में 14 से 18 वर्ष के युवा कलाकार हैं, जबकि दूसरे वर्ग में 18 वर्ष से अधिक आयु के अनुभवी कलाकार शामिल हैं। इस वर्गीकरण का उद्देश्य हर उम्र के कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर प्रदान करना है। यह हमारी समृद्ध लोक कला को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक बेहतरीन माध्यम है।
वरिष्ठ कलाकारों के निर्देशन में निखर रही प्रतिभा
इस पूरी प्रतियोगिता का संचालन नोडल पदाधिकारी श्री चंदन कुमार और जाने-माने वरिष्ठ कलाकार एवं चिन्तक प्रो० बीरेन्द्र नारायण सिंह जी के कुशल निर्देशन में किया जा रहा है। उनके अनुभव का लाभ उठाकर युवा कलाकार अपनी कला को और निखार रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रतिभागी निम्नलिखित जैसे पारंपरिक और धार्मिक विषयों पर चित्रण कर रहे हैं:
- जीवन चक्र
- सीता-राम स्वयंवर
- दशावतार
इन विषयों के माध्यम से मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को दीवारों पर खूबसूरती से उकेरा जा रहा है। यह आयोजन न केवल कलाकारों के लिए एक मंच है, बल्कि यह शहर की सुंदरता को भी बढ़ा रहा है। प्रेक्षागृह की दीवारें अब एक खुली आर्ट गैलरी में तब्दील हो गई हैं, जो यहाँ आने वाले हर व्यक्ति को मिथिला की गौरवशाली परंपरा की याद दिलाएंगी। इस तरह के आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह प्रतियोगिता मिथिला की इस अनमोल लोक कला को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




