

Mob Lynching: अफवाहों का बाजार जब गर्म होता है, तो इंसानियत की सड़कें अक्सर खून से लाल हो जाती हैं। बिहार के दरभंगा में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां शक की एक चिंगारी ने भीड़ को हैवान बना दिया। जिले के मनीगाछी थाना क्षेत्र में बच्चा चोर होने के संदेह में सड़क किनारे भीख मांगकर गुजारा करने वाले कई अर्ध-विक्षिप्त लोगों के साथ मॉब लिंचिंग की घटनाएं सामने आई हैं, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
बुधवार को मनीगाछी थाना क्षेत्र के महथौर चौक, राजे और भटपुरा गांवों में ये घटनाएं घटीं। यहां कुछ मानसिक रूप से अस्वस्थ लोग जो भीख मांगकर अपना पेट भरते हैं, उन्हें स्थानीय भीड़ ने बच्चा चोर समझकर निशाना बना लिया और उनके साथ मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस की सक्रियता से कोई बड़ी अनहोनी होने से टल गई।
क्या है Mob Lynching की इन घटनाओं का पूरा सच?
जब इन घटनाओं की जांच शुरू हुई तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया। मनीगाछी के थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह ने पूरे मामले का पर्यवेक्षण करने के बाद बताया कि ये सभी घटनाएं बच्चा चोर गिरोह के सक्रिय होने की झूठी अफवाह का नतीजा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ असामाजिक तत्व समाज में डर और भ्रम का माहौल पैदा करने के लिए इस तरह का गलत दुष्प्रचार कर रहे हैं। इसी अफवाह के कारण निर्दोष लोग भीड़ के गुस्से का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीड़ितों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वे केवल भीख मांगकर जीवनयापन कर रहे थे।
थानाध्यक्ष ने बताया कि सोशल मीडिया और आपसी बातचीत के जरिए फैलाई जा रही इस अफवाह का कोई आधार नहीं है। पुलिस ने जब जांच की तो क्षेत्र में किसी भी बच्चे के गायब होने या चोरी होने की कोई शिकायत दर्ज नहीं पाई गई। यह केवल लोगों को भड़काने की एक साजिश है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जिसके झांसे में आकर लोग कानून अपने हाथ में ले रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
पुलिस की आम लोगों से अपील
थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह ने क्षेत्र के लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि बच्चा चोरी का अफवाह फैलाकर समाज का माहौल खराब करने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अगर उन्हें कोई भी व्यक्ति संदिग्ध लगता है या सड़क किनारे कोई लावारिस या मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति मिलता है, तो वे उसके साथ मारपीट करने के बजाय तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दें। पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच करेगी और आवश्यक कदम उठाएगी। किसी भी निर्दोष के साथ हिंसा करना एक गंभीर अपराध है और ऐसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।




