

Darbhanga News: दिल्ली की सियासत से दरभंगा के लिए एक बड़ी औद्योगिक पटकथा लिखी जा रही है, जिसकी स्याही मिथिला की मखाना और पाग की परंपरा से तैयार हुई है। स्थानीय सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर जिले को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम आगे बढ़ाया है। इस मुलाकात के बाद यह तय माना जा रहा है कि दरभंगा सहित पूरे मिथिला क्षेत्र में रोजगार सृजन और औद्योगिक निवेश के लिए एक ठोस कार्ययोजना पर जल्द काम शुरू होगा।
Darbhanga News: औद्योगिक निवेश के लिए मिशन मोड में बनेगी कार्ययोजना
शनिवार देर शाम केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से उनके मंत्रालय कक्ष में हुई मुलाकात के बाद सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना छोटे शहरों में औद्योगिक क्रांति लाने के लिए एक वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि दरभंगा को एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए मिशन मोड में काम किया जाएगा। इस दौरान सांसद ने मंत्री को मिथिला की पारंपरिक संस्कृति के प्रतीक पाग और अंगवस्त्र से सम्मानित किया और नए उद्योगों की स्थापना के लिए एक आग्रह पत्र भी सौंपा।
सांसद ने केंद्रीय मंत्री के साथ चर्चा में कहा कि दरभंगा अब हर उस मानक पर खरा उतर रहा है जो किसी शहर को औद्योगिक शक्ति का केंद्र बनाने के लिए जरूरी है। विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, एम्स, लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो कॉम्प्लेक्स जैसी विशाल परियोजनाएं इस बात का प्रमाण हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन उपलब्धियों के बाद अब शहर औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मिथिला की क्षमता और सरकार की योजना
केंद्र सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना छोटे शहरों में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना से न केवल क्षेत्रीय असमानता दूर होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सांसद ने बताया कि उन्होंने लोकसभा में भी कई बार दरभंगा को नए ग्रीनफील्ड औद्योगिक नोड्स के रूप में विकसित करने का मुद्दा उठाया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
उन्होंने मंत्री को सौंपे पत्र में कहा कि दरभंगा जिला लंबे समय से बड़े कल-कारखानों से वंचित रहा है, जबकि यहां संसाधनों की कोई कमी नहीं है। कुशल श्रमशक्ति, कृषि आधारित उत्पाद, मिथिला पेंटिंग जैसी विश्व प्रसिद्ध हस्तशिल्प, मछली उत्पादन और मखाना आधारित लघु उद्योगों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन क्षेत्रों में निवेश से स्थानीय बेरोजगारी का स्थायी समाधान किया जा सकता है।
उत्तर बिहार का प्रमुख केंद्र बनेगा दरभंगा
डॉ. ठाकुर ने जोर देकर कहा कि दरभंगा की भौगोलिक स्थिति इसे उत्तर बिहार और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र बनाती है। यहां रेल, सड़क और हवाई यातायात की बेहतरीन कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जो इसे एक संभावित औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया को आसान बनाती है। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार इस क्षेत्र में बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः शुरू करने तथा नए उद्योगों की स्थापना के लिए पूरी तरह संकल्पित है।


