



Kendriya Vidyalaya: दरभंगा की शैक्षिक धरती पर अब विकास के नए अंकुर फूटने की तैयारी है, जहां सालों से रुकी पड़ी योजनाओं की गाड़ी को सांसद की एक मुलाकात ने नई रफ़्तार दे दी है।
दरभंगा में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर जिले के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा की। इस मुलाकात का मुख्य केंद्र दो नए स्वीकृत केंद्रीय विद्यालयों के निर्माण और शैक्षणिक कार्यों में तेजी लाना रहा। सांसद ने बताया कि इस बैठक के बेहद सकारात्मक परिणाम जल्द ही जमीन पर दिखाई देंगे।
दरभंगा में Kendriya Vidyalaya निर्माण में आएगी तेजी
सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री को एक आग्रह पत्र सौंपते हुए बताया कि दरभंगा संसदीय क्षेत्र के हनुमाननगर प्रखंड में निर्माणाधीन एम्स के निकट और पटोरी के गोढइला मौजा में स्वीकृत केंद्रीय विद्यालयों का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जब तक स्थायी भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शिक्षण कार्य शुरू किया जाए, ताकि केंद्र सरकार की इस ऐतिहासिक सौगात का लाभ जिले के छात्र-छात्राओं को मिलना शुरू हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सांसद ने इस मुलाकात के दौरान मिथिला की परंपरा के अनुसार केंद्रीय मंत्री को पाग और अंगवस्त्र से सम्मानित भी किया। उन्होंने याद दिलाया कि वे इन विद्यालयों की स्वीकृति के लिए शुरू से ही प्रयत्नशील रहे हैं और इसके लिए उन्होंने पहले भी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से मुलाकात कर पत्र सौंपा था।
## संस्कृत महाविद्यालयों के भी बहुरेंगे दिन
इस बैठक में सिर्फ केंद्रीय विद्यालयों पर ही नहीं, बल्कि संस्कृत शिक्षा के केंद्रों पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। सांसद ने भारत सरकार द्वारा संचालित जगदीश नारायण ब्रह्मचर्यआश्रम आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, लगमा समेत अन्य संस्कृत महाविद्यालयों के कायाकल्प का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 12वीं से लेकर आचार्य स्तर तक की शिक्षा देने वाले ये संस्थान भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए वरदान हैं।
डॉ. ठाकुर ने लगमा स्थित संस्कृत महाविद्यालय की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यहां लगभग दो सौ छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। उन्होंने महाविद्यालय के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे की मांग की, जिसमें शामिल हैं:
* 20 नए क्लासरूम
* 2 सभागार
* एक आधुनिक पुस्तकालय भवन
* एक छात्रावास
सांसद ने नई शिक्षा नीति 2020 के आलोक में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को शोध विश्वविद्यालय (Research University) का दर्जा देने और इसके लिए पर्याप्त राशि आवंटित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने जिले को दो केंद्रीय विद्यालय देने जैसे महत्वपूर्ण योगदानों के लिए केंद्र की मोदी सरकार का आभार प्रकट किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिथिला क्षेत्र में ज्ञान परंपरा और नवाचार को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के साथ यह मुलाकात बेहद सकारात्मक रही। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


