

दरभंगा (Darbhanga) में शुक्रवार की देर रात स्थानीय दुकानदार और मेडिकल छात्रों के बीच झड़प से शहर रणक्षेत्र में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) के कुछ छात्रों ने कथित तौर पर दुकानदार से बहस के बाद आसपास के मेडिकल स्टोर पर हमला कर दिया।समंक
इस दौरान दवा की तीन दुकानों में आग लगा दी गई। इसके अलावे दुकान के सामने खड़ी दो कारों को भी जला दिया गया। घटना की सूचना पर पहुंचे अग्निशमन दस्ता के दो कर्मियों को ईंट से प्रहार कर जख्मी कर दिया गया। घटना के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और दोनों तरफ से जमकर पथराव होने लगा।
इस हमले में दुकानदार सहित 3 पुलिसकर्मी और कई लोग घायल हो गए। वहीं डीएमसीएच ओपीडी के पास शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में स्थित 4 मेडिकल स्टोर, 2 कारों और एक स्कूटर को भी आग के हवाले कर दिया गया। सूचना मिलने के तुरंत बाद आग बुझाने के लिए 2-3 फायर टेंडर को सेवा में लगाया गया।
मामला इतना बढ़ गया कि आक्रोशित छात्रों ने कैंपस के भीतर ही 4 दुकानों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। वहीं 4 लोगों को जिंदा जलाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया। हालांकि छात्र इतने उग्र हो गए थे कि दो पुलिस कर्मी भी इस झड़प में घायल हो गए। इस संबंध में मेडिकल छात्रों ने कुछ भी बताने से इनकार किया है।
यह घटना एक मेडिकल दुकान के मालिक और डीएमसीएच के छात्रों के बीच बहस के बाद हुई। घटना के बाद से परिसर में मजिस्ट्रेट के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उपमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) कृष्णनंदन प्रसाद ने कहा कि गंभीर रूप से घायल तीन पुलिसकर्मियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मैगी लेने दुकान पहुंचे थे छात्र

छात्रों के गुंडागर्दी से पीड़ित दुकानदार ने कहा कि मेडिकल के कुछ छात्र देर रात मैगी लेने किराना दुकान पहुंचे। उस वक्त दुकानदार दुकान पर नहीं था, पास के मेडिकल दुकान के एक स्टाफ ने कहा कि कुछ देर रूकिए दुकानदार आता ही होगा। इतने में ही दोनों में बहस शुरू हो गई। इसी बीच छात्रों ने डीएमसीएच हॉस्टल से अपने कुछ साथियों को फोन कर के बुला लिया। हंगामा बढ़ता देख दुकान का मालिक घर से निकला। तभी किसी छात्र ने पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी, जिसमें चार दुकानदार झुलस गए।
वहीं स्थानीय लोगों के अनुसार शुक्रवार देर रात मेडिकल की दुकान चलाने वाले एक दुकानदार और मेडिकल छात्रों के बीच कहासुनी हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि आक्रोशित छात्रों ने कैंपस के अंदर की चार दुकानों में पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। वहीं मेडिकल शॉप के कर्मचारियों पर कथित तौर पर कैंची से हमला किया गया। इस घटना में करीब 12 लोगों के घयल हो गए।
मैगी खरीदने पहुंचे थे स्टूडेंट्स
दरअसल, मेडिकल के कुछ छात्र किराने की दुकान से नूडल्स खरीदने गए थे। लेकिन दुकान का मालिक मौजूद नहीं था, इसलिए उन्होंने कर्मचारियों से पास के मेडिकल दुकान में जाने के लिए कहा। इस पर छात्र आक्रोशित हो गए और बहस करने लगे। यह मामला धीरे-धीरे गाली-गलौज तक पहुंच गए। छात्र आक्रोशित हो गए फिर उन्होंने अपने अन्य साथियों को भी फोन कर बुला लिया। गुस्से में उन्होंने स्टाफ के चेहरे पर कैंची से वार कर दिया। छात्रों ने लाठी-डंडे से भी सभी की पिटाई की। घटना में किसी का सिर फट गया है तो किसी का हाथ टूट गया है।
4 छात्र भागने में सफल
फार्मेसी के मालिक जावेद खान के मुताबिक, छात्रों को समझाने की कोशिश करने के बाद भी उन पर काबू नहीं पाया जा सका. वहीं पुलिस ने बताया कि छात्रों ने दुकान के कर्मचारियों पर पेट्रोल बम फेंके। उनमें से चार भागने में सफल रहे. आरोपी मेडिकल छात्रों की पहचान के लिए जांच की जा रही है।
एक दमकलकर्मी भी गंभीर रूप से घायल
वहीं आग पर काबू पाने के लिए तुरंत फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। एक दुकान पर एलपीजी सिलेंडर फटने से एक दमकलकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गया। लहेरियासराय पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी हरि नारायण सिंह ने कहा, हमें केमिस्ट की दुकान के मालिक से शिकायत मिली है और आरोपी मेडिकल छात्रों की पहचान के लिए जांच की जा रही है।

मौके पर दरभंगा एसएसपी अशोक कुमार प्रसाद सहित शहर के सभी थानों की पुलिस कैंप कर रही है। आग पर काबू पाने के लिए डीएमसीएच परिसर में आधे भाग में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। अग्निशमन दस्ता धू-धूकर जल रही दुकानों में आग बुझाने का प्रयास कर रहा है। सभी घायलों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है।
इसमें लहेरियासराय थाने के सहायक दारोगा और अग्निशमन दस्ता के एक कर्मी भी हैैं। अग्निशमन दस्ता के एक कर्मी को गंभीर हालत में पटना रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद तनाव है। एसएसपी ने बताया कि घटना के पीछे के कारणों की छानबीन की जा रही है।
वहीं, मिथिला स्टूडेंट यूनियन के विद्या भूषण ने अपनी आप बीती देशज टाइम्स को बताते हुए कहा
रात स्टेशन से चाय पीकर लौट रहा था। परिस्थिति देखकर मन व्याकुल हो गया। 4 कार , 3 दुकान जलकर स्वाहा हो गया। मित्र जावेद व उनके सहकर्मी पर को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया।
प्रशासन को मुंह चिढ़ा रही यह गुंडा तत्व का मनोबल इतना बढ़ा क्यों है? उनके हॉस्टल से एक ट्रक दारू पकड़ता है? क्यों नहीं गिरफ्तारी! उनके पास हथियार था? फुटेज के आधार पर गिरफ्तारी होनी चाहिए।
यह अत्यंत निदंनीय घटना है। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा एवं दोषी को शीघ्र गिरफ्तारी के साथ , छात्रों को डिग्री से वंचित किया जाना चाहिए।




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