
No-confidence Motion: दरभंगा में जिला परिषद अध्यक्ष सीता देवी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक न बुलाने से नाराज पार्षदों ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। यह पूरा मामला बिहार पंचायती राज अधिनियम के उल्लंघन का है।
अविश्वास प्रस्ताव: बैठक न बुलाने पर DM से शिकायत
दरभंगा जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष रेणु देवी और जिला परिषद सदस्य स्वतंत्र कुमार झा उर्फ सागर नवदिया ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर वर्तमान जिला परिषद अध्यक्ष सीता देवी के खिलाफ 6 अप्रैल को प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव को लेकर शिकायत की है। उन्होंने जिलाधिकारी को एक आवेदन सौंपकर आरोप लगाया कि अध्यक्ष द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर विशेष बैठक नहीं बुलाई गई।
गौरतलब है कि 6 अप्रैल को कुल 27 पार्षदों ने अध्यक्ष के नाम जिला परिषद कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव पर विधिवत हस्ताक्षर कर जमा कराए थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुसार, अध्यक्ष को आवेदन प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर विशेष बैठक बुलाने के लिए तिथि और स्थान निर्धारित कर सूचना जारी करनी होती है।
अधिनियम का उल्लंघन और DM की भूमिका
हालांकि, पूर्व अध्यक्ष रेणु देवी ने बताया कि निर्धारित सात दिन की समय-सीमा बीत जाने के बावजूद वर्तमान अध्यक्ष सीता देवी ने अब तक न तो कोई बैठक बुलाई है और न ही इस संबंध में कोई कार्रवाई की है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अवहेलना और पंचायती राज अधिनियम का सीधा उल्लंघन बताया है।
रेणु देवी ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि ऐसी स्थिति में अधिनियम के अनुसार अब यह दायित्व जिला पदाधिकारी का है कि वे 15 दिनों के भीतर विशेष बैठक की सूचना जारी करें। इस बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मत विभाजन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
आगे क्या होगा?
अब गेंद जिलाधिकारी के पाले में है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जिलाधिकारी इस मामले में कब तक हस्तक्षेप करते हैं और विशेष बैठक कब बुलाई जाती है। जिला परिषद अध्यक्ष सीता देवी पर लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव के बाद दरभंगा की स्थानीय राजनीति गरमा गई है।
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