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मार्च, 13, 2026
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Darbhanga News: दरभंगा-जयनगर NH 527B पर भीषण Road Accident, मौत बनकर आया ‘अज्ञात वाहन’, 4 मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

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Road Accident: काल का पहिया जब घूमता है, तो सड़कें भी लहू मांग लेती हैं। दरभंगा के केवटी में एक ऐसा ही दर्दनाक मंजर देखने को मिला, जहां एक झटके में 4 मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। गुरुवार की शाम काम से घर लौट रहे एक पेंटर के लिए नेशनल हाईवे 527बी आखिरी सफर साबित हुआ।

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Road Accident में कैसे गई पेंटर की जान

जानकारी के अनुसार, केवटी थाना क्षेत्र के कोयलास्थान निवासी 30 वर्षीय पप्पू कुमार यादव, जो स्वर्गीय राम जुलूम यादव के पुत्र थे, मकानों में पेंटिंग का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। आज भी वह रोजाना की तरह दरभंगा से अपना काम खत्म कर शाम करीब 6 बजे अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। जब वे दरभंगा-जयनगर एनएच 527बी पर स्थित तीस भमरा पुल के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक अज्ञात वाहन से बचने के प्रयास में उनका संतुलन बिगड़ गया।

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बाइक अनियंत्रित होकर सीधे पुल की रेलिंग से जा टकराई और पप्पू कुमार यादव सड़क किनारे नीचे जा गिरे। इस अप्रत्याशित सड़क हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और उन्हें इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) ले जाने लगे। लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: दरभंगा में LPG Gas Supply पर हाहाकार, एक ही दिन में 54 शिकायतें, इन इलाकों से आईं सबसे ज्यादा कम्पलेन!

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुट गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

घर पर टूटा दुखों का पहाड़, पत्नी की चीत्कार से दहला गांव

जैसे ही पप्पू की मौत की खबर जंगल की आग की तरह गांव में फैली, पूरे कोयलास्थान में मातम पसर गया। परिवार पर तो मानो दुखों का पहाड़ ही टूट पड़ा हो। पत्नी पिंकी देवी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी की दिल दहला देने वाली चीत्कार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। वह बार-बार बेहोश हो रही थी और होश में आने पर बस यही कह रही थी, “आब हमरा बाल-बच्चा के केना गुजर हेतै हो भगवान्।” गांव के लोग और महिलाएं उन्हें ढाढस बंधाने की कोशिश कर रहे थे।

पप्पू ही अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाले थे। उनके पीछे उनकी पत्नी और चार छोटे बच्चे रह गए हैं, जिनमें दो बेटे सोमनाथ (4 वर्ष) और कृष्णा (डेढ़ वर्ष) तथा दो बेटियां सोनाली (6 वर्ष) और पल्लवी (5 वर्ष) शामिल हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस घटना ने पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है। घटना की सूचना पर पूर्व जिला पार्षद सुबंश यादव भी मौके पर पहुंचे। उनके हस्तक्षेप पर केवटी के बीडीओ चंद्र मोहन पासवान ने पीड़ित परिवार को पारिवारिक लाभ योजना के तहत तत्काल आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है।

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