
पेयजल आपूर्ति: गर्मी का मौसम अपने पूरे शबाब पर है और ऐसे में पानी की दिक्कत किसी भयावह सपने से कम नहीं। बिहार के दरभंगा जिले में जिलाधिकारी कौशल कुमार ने इसी समस्या से निपटने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। साफ कहा गया है कि आम जनता को पीने के साफ पानी के लिए भटकना न पड़े।
दो दिन में पूरा करें ‘पेयजल आपूर्ति’ का काम, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के अभियंताओं और अंचलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेयजल आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने सभी कनीय अभियंताओं को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि लंबित पड़े बोरिंग के सभी कार्यों को अगले दो दिनों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान गर्मी के मौसम को देखते हुए आमजनों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। नई योजनाओं के तहत कुल 666 स्थानों पर बोरिंग का कार्य प्रस्तावित था, जिनमें से 526 स्थानों पर कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने शेष कार्यों को भी दो दिनों में पूरा कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।
गर्मी में न हो पानी की कमी: टैंकर से भी व्यवस्था, हैंडपंप होंगे दुरुस्त
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त संख्या में प्याऊ (जल वितरण केंद्र) स्थापित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां सरकारी या निजी भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर उपलब्ध कराया जाए, ताकि योजनाओं को अन्य उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित किया जा सके। संवेदकों को भी कार्य में तेजी लाने और अतिरिक्त कार्यबल लगाने का निर्देश दिया गया। सभी नई योजनाओं के लिए विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने हेतु कार्यपालक अभियंता, विद्युत विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कार्यपालक अभियंता को यह भी निर्देशित किया गया कि पेयजल के लिए विद्युत कनेक्शन विच्छेद नहीं किए जाएं। जिलाधिकारी ने पानी की कमी को देखते हुए टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा, ताकि किसी भी स्थिति में पानी की कमी न हो। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पेयजल आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
डीएम के मुख्य निर्देश:
- सभी लंबित बोरिंग कार्य 2 दिन में पूरे करने का निर्देश।
- सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त प्याऊ स्थापित करने का आदेश।
- जहां भूमि उपलब्ध नहीं, वहां योजनाओं को स्थानांतरित करने की योजना।
- पेयजल हेतु विद्युत कनेक्शन विच्छेद न करने का निर्देश।
- टैंकर से जलापूर्ति की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
- खराब पड़े चापाकलों की तत्काल मरम्मत के आदेश।
- पाइपलाइन विस्तार और सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग।
बिरौल प्रखंड सहित अन्य प्रखंडों में योजनाओं के अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) के लिए टीमें गठित करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी को दिया गया। साथ ही पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति कार्यों में तेजी लाने और सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में पुराने और नए चापाकलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने खराब पड़े चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







