दरभंगा न्यूज़: राजो गांव की गलियां एक बार फिर उस सनसनीखेज वारदात को याद कर सिहर उठी हैं, जब दिनदहाड़े पिस्तौल लहराकर दहशत फैलाई गई थी। इस मामले का मुख्य सरगना अब पुलिस की गिरफ्त में है, जिसने एक पुराने झगड़े को सुलझाने के नाम पर गांव में खूनी खेल की पटकथा लिखी थी। इस गिरफ्तारी के साथ ही, तीन आरोपी सलाखों के पीछे पहुँच चुके हैं और कई अहम खुलासे हुए हैं।
क्या था पूरा मामला?
सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के राजो गांव में हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के मुख्य आरोपी सनहपुर निवासी योगेश कुमार को आखिरकार पुलिस ने शुक्रवार को धर दबोचा। उसे गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के लिए यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि अब तक इस मामले में शामिल तीनों प्रमुख बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ग्रामीणों द्वारा 16 नवंबर को हुई इस घटना के बाद लालबाबू यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें पूरी आपबीती बताई गई थी।
होली के दिन से चली आ रही थी रंजिश
इस पूरे प्रकरण की जड़ें होली के त्योहार तक जाती हैं। लालबाबू यादव के छोटे बेटे रत्नेश यादव का मुजफ्फरपुर के जजुआर थाना क्षेत्र स्थित लखनपुर निवासी राकेश सहनी के साथ होली के दिन झगड़ा हुआ था। रत्नेश यादव उस दिन अपनी महिंद्रा पिकअप लेकर कटरा थाना की तरफ जा रहे थे। जब वह राकेश सहनी के घर के पास लखनपुर पहुंचे, तो राकेश सहनी ने अपने चार-पांच साथियों के साथ मिलकर रत्नेश की पिकअप को घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। इस दौरान पिकअप का शीशा तोड़ दिया गया और टायरों में चाकू मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
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इस गंभीर विवाद को सुलझाने के लिए बाद में आपसी पंचायत भी हुई, लेकिन किसी भी पक्ष में सुलह नहीं हो सकी और यह रंजिश अंदर ही अंदर सुलगती रही।
राजो गांव में फिर मचा बवाल
होली के कुछ समय बाद, रविवार को करीब एक बजे राकेश सहनी अपने तीन साथियों के साथ सनहपुर गांव में आ धमका। उन्हें देखते ही रत्नेश यादव घबराकर पास की दीपक सहनी की दुकान में जा छिपा। इसके बाद हालात और बिगड़ गए, जब राकेश सहनी के सहयोगी लखनपुर से आठ-दस और लड़कों के साथ रत्नेश को जबरन दुकान से निकालने के लिए गांव आ गए। इस भीड़ में से एक युवक के हाथ में पिस्तौल भी थी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
पिस्तौल के साथ दबोचा गया बदमाश
जब ग्रामीणों ने इन बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया, तो सभी भागने लगे। भागने की इसी आपाधापी के दौरान राजो हनुमान मंदिर के पास ग्रामीणों ने कृष्णनंदन साह नामक एक युवक को पकड़ लिया। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से एक पिस्तौल, एक गोली और एक मैगजीन बरामद हुई। ग्रामीणों ने तुरंत कृष्णनंदन साह को सिंहवाड़ा थाना की पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार युवक ने बताया कि पिस्तौल गांव के योगेश कुमार की है, जिसने उसे पिस्तौल देकर भागने में मदद की थी।
फरार होने वाले अन्य सहयोगियों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
- सुनील सहनी
- परिक्षण सहनी
- सुमन पासवान
- अखिलेश पासवान
ये सभी लखनपुर, थाना जजुआर, जिला मुजफ्फरपुर के निवासी हैं।
मुख्य आरोपी योगेश कुमार गिरफ्तार
इस मामले के अनुसंधानक दारोगा विक्रांत कुमार ने बताया कि हाल ही में गिरफ्तार किए गए युवक योगेश ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। योगेश ही वह व्यक्ति था जिसने कृष्णनंदन साह को पिस्तौल थमाई थी। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही, इस मामले में शामिल प्रमुख किरदारों को पुलिस ने दबोच लिया है।
पुलिस का आगे का एक्शन प्लान
दारोगा विक्रांत कुमार ने यह भी बताया कि शेष अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही फरार चल रहे अन्य बदमाशों को भी कानून के शिकंजे में लाने में सफल होंगे। इस घटना में हुई तीन गिरफ्तारियों से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई कर रही है।



