
Darbhanga News: सरकारी खजाने पर कुंडली मारकर बैठे ‘धनकुबेरों’ पर अब प्रशासन का चाबुक चलने वाला है। दरभंगा प्रमंडल में बड़े बकायादारों की लिस्ट जारी होते ही हड़कंप मच गया है। आयुक्त हिमांशु कुमार राय के निर्देश के बाद राजस्व वसूली में तेजी लाने के लिए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त ने स्पष्ट कर दिया है कि लंबित राजस्व की वसूली प्रशासन की पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सभी संबंधित अधिकारियों को इस मामले में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
Darbhanga News: जानिए कौन हैं टॉप बकाएदार
प्रशासन द्वारा जारी की गई सूची में दरभंगा जिले के कई बड़े नाम शामिल हैं, जिन पर करोड़ों रुपये का राजस्व बकाया है। इन बकायादारों में बड़े व्यवसायी से लेकर अन्य लोग भी शामिल हैं। प्रमुख बकायादारों की सूची इस प्रकार है:
- दिवेश कुमार (जगदंबा फूड प्रोसेसिंग, सुरहा चट्टी): 13 करोड़ 17 लाख 96 हजार रुपये
- अंशुमन राय (सहायक टी.पी.डी.एस.): 6 करोड़ 79 लाख 57 हजार रुपये
- शैलेंद्र कुमार (सत्यम राइस मिल, खैरा): 6 करोड़ 75 लाख 35 हजार 544 रुपये
- योगेंदु शेखर राय (अशोक पेपर मिल): 5 करोड़ 93 लाख 76 हजार रुपये
- पंकज कुमार सिंह (हाजीपुर, वैशाली): 5 करोड़ 59 लाख 38 हजार रुपये
- दिवेश कुमार चौधरी (हायाघाट): 4 करोड़ 26 लाख 80 हजार रुपये
- सुनील कुमार सिंह (सदर प्रखंड): 2 करोड़ 85 लाख 56 हजार रुपये
- राम सोराव सिंह (ग्राम रतन मार्केट, मौलागंज): 2 करोड़ 67 लाख 41 हजार रुपये
- सागर कुमार राय (बेनीपुर): 2 करोड़ 05 लाख 62 हजार रुपये
- शैलेश कुमार (सत्यम राइस मिल, खैरा): 1 करोड़ 53 लाख रुपये
- सुनील कुमार सिंह (लहेरियासराय): 1 करोड़ 46 लाख 75 हजार रुपये
- गणेश प्रसाद राय (माधोपुर): 1 करोड़ 43 लाख 95 हजार रुपये
इस सूची के जारी होने के बाद से ही पूरे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है। प्रशासन की इस कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि लंबे समय से अटकी हुई राजस्व वसूली की प्रक्रिया में तेजी आएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस Darbhanga News पर आयुक्त का सख्त रुख, वसूली में ढिलाई नहीं होगी बर्दाश्त
आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि केवल सूचीबद्ध बकाएदारों से ही नहीं, बल्कि अन्य सभी छोटे-बड़े बकायादारों से भी राजस्व की वसूली हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि बकाया राजस्व की वसूली में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा, नीलाम पत्र से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों से कहा है कि वे नियमित रूप से सुनवाई करें ताकि वर्षों से लंबित पड़े मामलों का तेजी से निपटारा किया जा सके और सरकारी खजाने को भरा जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

