
Darbhanga Road Accident: नियति का क्रूर मजाक देखिए, जीवन की गाड़ी ने मौत का रास्ता चुन लिया। एक ही पल में तीन घरों के चिराग बुझ गए, पीछे छोड़ गए सिर्फ मातम और सवाल।
Darbhanga Road Accident: घने कोहरे में सांड से भिड़ंत, नहर में गिरी कार; एक ही गांव के तीन युवकों की दर्दनाक मौत से पसरा मातम
Darbhanga Road Accident: धुंध और सांड बना काल, एक साथ तीन की मौत से गांव में हाहाकार
बिहार के दरभंगा जिले में बीती देर रात हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। नेहरा थाना क्षेत्र में घने कोहरे के कारण हुए इस दर्दनाक हादसे में एक ही गांव के तीन युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह हृदय विदारक घटना नेहरा गांव के करीब तब हुई, जब एक तेज रफ्तार हुंडई कार घनी धुंध के बीच अचानक सड़क पर आए एक सांड को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 15 फीट नीचे एक नहर में जा गिरी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक तीनों युवक जगदीशपुर स्थित अपने बहनोई के घर से नेहरा गांव लौट रहे थे। गांव से लगभग एक किलोमीटर पहले घना कोहरा इतना था कि चालक सड़क पर खड़े सांड को समय रहते देख ही नहीं सका। संतुलन बिगड़ते ही कार पलट गई और नहर में जा समाई, जिसमें सवार तीनों युवकों की जीवन लीला वहीं समाप्त हो गई।
मृतकों की पहचान और परिवारों पर टूटा कहर
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान शंभू कुमार यादव (27), अजय कुमार साहनी (28) और सुजीत कुमार साहनी (28) के रूप में हुई है। ये तीनों नेहरा गांव के ही निवासी थे और गहरे दोस्त भी। शंभू यादव एक मेहनती किसान थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। अजय साहनी मखाना और मछली के व्यवसाय से जुड़े थे, वहीं सुजीत साहनी के घर में जल्द ही किलकारियां गूंजने वाली थीं, क्योंकि उनकी पत्नी छह माह की गर्भवती हैं। इस खबर ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
हादसे की भयावह आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और किसी तरह कार से शवों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही नेहरा थाना की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) भेज दिया।
पूरे गांव में मातम और मुआवजे की मांग
एक साथ तीन नौजवानों की असमय मौत से पूरे नेहरा गांव में कोहराम मच गया है। हर घर में शोक का माहौल है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में पसरे इस दुखद मंजर को देखकर हर किसी की आंखें नम हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। ऐसी दुखद घटनाओं के लिए अक्सर खराब दृश्यता और सड़कों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी एक बड़ी वजह होती है। इसलिए सड़क सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पूर्व मुखिया श्याम सहनी और मृतक सुजीत के चाचा हीरा सहनी ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने की मांग दोहराई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




