
Darbhanga Road Accident: विकास की रफ्तार और उस पर पसरा मौत का साया। बिहार के दरभंगा में सड़क निर्माण के दौरान एक ऐसी ही दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है, जहां पानी का छिड़काव कर रहा एक टैंकर अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में समा गया। इस भयावह दुर्घटना में टैंकर के उपचालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल है और एक निजी अस्पताल में भर्ती है। यह घटना सिंहवाड़ा क्षेत्र के शोभन बांध के पास घटी, जिसने सड़क निर्माण की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है।
दरभंगा रोड एक्सीडेंट: क्या हुआ उस काली रात?
सिमरी थाना क्षेत्र में शोभन से मकिया तक बन रही सड़क पर मंगलवार रात काम चल रहा था। रात के अंधेरे में पानी का छिड़काव कर रहा टैंकर अचानक अनियंत्रित हो गया और शोभन बांध के पास करीब 50 फीट गहरे गड्ढे में पलट गया। इस दरभंगा रोड एक्सीडेंट में जहां उपचालक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, वहीं चालक जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों और मजदूरों ने चीख-पुकार सुनकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मृतक उपचालक की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना अंतर्गत बसंतपुर निवासी विनोद महतो के पुत्र अनमोल महतो (30) के रूप में हुई है। वहीं, गंभीर रूप से घायल चालक वैशाली जिले के मधवापुर थाना के सहदुल्लाहपुर चकफरीद निवासी राजकुमार सिंह के पुत्र अनीश कुमार सिंह हैं। उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस सड़क निर्माण दुर्घटना ने एक बार फिर से निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर किया है।
थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि घायल चालक के बगल की सीट में फंसे उपचालक के शव को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। शव का पोस्टमार्टम डीएमसीएच में कराने के बाद उसके भाई प्रमोद कुमार महतो को सौंप दिया गया। इस दुखद हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सुरक्षा पर सवाल, जांच जारी
रात के सुनसान वक्त में, जब टैंकर अनियंत्रित होकर पलटा, तब चालक की चीख-पुकार सुनकर आसपास काम कर रहे स्थानीय मजदूर घटनास्थल पर पहुंचे। उनकी मदद से ही शुरुआती बचाव कार्य संभव हो सका। चौकीदार की निगरानी में टैंकर को घटनास्थल पर ही रखा गया है और पुलिस ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि उन अनगिनत जोखिमों की याद दिलाता है जो तेजी से हो रहे विकास कार्यों में छिपे होते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन और निर्माण एजेंसियां अक्सर ऐसे हादसों के बाद ही नींद से जागती हैं, लेकिन तब तक कई परिवार तबाह हो चुके होते हैं। इस मामले में भी जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि आखिर टैंकर के अनियंत्रित होने के पीछे क्या वजह थी और क्या सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा था। यह घटना एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करती है कि क्या हम विकास की दौड़ में मानवीय सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहे हैं।





