

Darbhanga News: भ्रष्टाचार की दीमक जब विकास की नींव को खोखला करने लगे, तो उस पर हथौड़ा चलाना लाज़मी हो जाता है। दरभंगा में सड़क निर्माण में हुई धांधली पर बिहार सरकार ने कुछ ऐसा ही कड़ा एक्शन लिया है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है।
Darbhanga News: मंत्री जी का हंटर चला, घटिया सड़क बनाने वाली कंपनी 10 साल के लिए ब्लैकलिस्ट
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार तथा पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने दरभंगा में एक सड़क निर्माण कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितता और गुणवत्ता में कोताही पाए जाने के बाद उक्त कंपनी को 10 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। यह फैसला विभागीय जांच रिपोर्ट आने के बाद लिया गया, जिसमें निर्माण कार्य को मानकों के बिल्कुल विपरीत पाया गया।
Darbhanga News: गुणवत्ता के मानकों पर खरी नहीं उतरी सड़क
जानकारी के अनुसार, दरभंगा पथ प्रमंडल द्वारा इस कंपनी को महात्मा गांधी कॉलेज से अलीनगर पीडब्ल्यूडी पथ तक सड़क चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का काम सौंपा गया था। यह सड़क खर्गा सहनी चौक और परमेश्वर चौक होते हुए बेला दुर्गा मंदिर तक जानी थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जांच के दौरान, इस पथ के एक किलोमीटर हिस्से में किए गए सीमेंट कंक्रीट पेवमेंट (CCP) कार्य की जब तकनीकी जांच की गई, तो गुणवत्ता की पोल खुल गई।
तकनीकी जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ कि सड़क की निर्धारित मजबूती 407.888 किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर होनी चाहिए थी। इसके विपरीत, जांच में वास्तविक मजबूती मात्र 166.828 किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर पाई गई, जो तय मानक के आधे से भी काफी कम है। इस तरह के सड़क निर्माण में अनियमितता से न केवल सरकारी पैसे का दुरुपयोग होता है, बल्कि यह आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
विभागीय जांच में हुआ बड़ा खुलासा
इस मामले में विभाग ने पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए संवेदक को अपना पक्ष रखने का मौका दिया था। विभाग की ओर से पहली बार 16 मई 2025 और फिर 4 जुलाई 2025 को संवेदक से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके बाद 1 सितंबर 2025 को जांच रिपोर्ट सौंपते हुए दोबारा जवाब देने के लिए कहा गया।
संवेदक ने 25 सितंबर 2025 को अपना जवाब दाखिल किया, जिसकी जांच तकनीकी जांच संस्थान (TTRI) से कराई गई। 10 दिसंबर 2025 को टीटीआरआई से प्राप्त अंतिम रिपोर्ट में भी निर्माण कार्य को अत्यंत घटिया और गुणवत्ताविहीन बताया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी रिपोर्ट के आधार पर मंत्री ने कंपनी को 10 साल के लिए काली सूची में डालने का कठोर निर्णय लिया। इस कार्रवाई से अन्य ठेकेदारों को भी गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का स्पष्ट संदेश गया है।


