
दुर्लभ पांडुलिपियाँ: बिहार के दरभंगा जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो सदियों पुराने ज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा के खजाने को उजागर करती है। सल्फिया यूनानी मेडिकल कॉलेज में ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत 100 साल से भी अधिक पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया गया है। यह सर्वेक्षण न सिर्फ प्राचीन ज्ञान के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि दरभंगा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी रेखांकित करता है।दरभंगा: जिला पदाधिकारी कौशल कुमार के निर्देश पर ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत आज दुमदुमा मोहल्ला स्थित सल्फिया यूनानी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में पांडुलिपियों का गहन सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार ने संस्थान का दौरा कर पुस्तकालय में संरक्षित इन महत्वपूर्ण पाण्डुलिपियों का अवलोकन किया।
कॉलेज के पुस्तकालयाध्यक्ष श्री अब्दुल करीम ने संस्थान में उपलब्ध 100 वर्ष से अधिक पुरानी हस्तलिखित कृतियों का विस्तृत प्रदर्शन किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। ये पांडुलिपियां उर्दू, अरबी और फारसी भाषाओं में लिखी गई हैं, जो प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं। इनमें ‘मंतिक’ और ‘सैदला’ नामक हस्तलिखित पुस्तकें विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। ‘सैदला’ नामक पुस्तक में यूनानी चिकित्सा पद्धति से विभिन्न औषधियों के निर्माण की विस्तृत विधियां वर्णित हैं, जो पारंपरिक चिकित्सा विज्ञान के अध्ययन में अत्यंत उपयोगी हैं।
दुर्लभ पांडुलिपियाँ: ज्ञान भारतम पोर्टल पर अद्यतन
सर्वेक्षण के दौरान, ज्ञान भारतम पोर्टल पर इन पांडुलिपियों से संबंधित आवश्यक प्रविष्टियों को अद्यतन किया गया। इस कार्य में संस्थान के आईटी प्रबंधक श्री आतिफ फरीदी ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। निरीक्षण के क्रम में कॉलेज के PSM (प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन) शाखा द्वारा यूनानी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से विभिन्न रोगों के उपचार, रोग-निवारण तथा औसत आयु वृद्धि के उपायों की जानकारी भी साझा की गई। इस दौरान संस्थान के पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं और छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों का भी गहन अवलोकन किया गया।
दरभंगा की समृद्ध ज्ञान परंपरा का पुनरुद्धार
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सर्वेक्षण से न केवल प्राचीन दुर्लभ पांडुलिपियों का संरक्षण संभव हो रहा है, बल्कि यह दरभंगा जिले की समृद्ध ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने का भी कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न संस्थानों में संरक्षित दशकों पुराने ज्ञान के भंडार को आमजन तक पहुंचाने का यह एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस पहल से यह स्पष्ट हो रहा है कि दरभंगा जिला प्राचीन काल से ही ज्ञान, चिकित्सा और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/







