
Indian Youth Parliament: लोकतंत्र की गंगोत्री से निकले भविष्य के कर्णधार अब संसदीय परंपराओं की प्रयोगशाला में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के 10 मेधावी छात्रों की एक टीम नागपुर के लिए रवाना हो गई है, जहां वे राष्ट्रीय मंच पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
Indian Youth Parliament में दरभंगा की धमक! संस्कृत विवि के 10 छात्र नागपुर में दिखाएंगे प्रतिभा, कुलपति ने दिखाई हरी झंडी
कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के परिसर से मंगलवार को 10 सदस्यीय छात्रों की एक टीम को नागपुर में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित भारतीय युवा संसद कार्यक्रम के लिए रवाना किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पाण्डेय ने एक संक्षिप्त समारोह में हरी झंडी दिखाकर टीम को विदा किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों को गहराई से समझने का एक सुनहरा अवसर है।
कुलपति प्रो. पाण्डेय ने छात्रों को संबोधित करते हुए अनुशासन और गरिमा बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “इस तरह के मंच छात्रों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” उन्होंने छात्रों को कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह आयोजन छात्रों को भारतीय संसद की कार्यप्रणाली को करीब से जानने का मौका देगा।
क्या है Indian Youth Parliament और क्यों है यह खास?
विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. निशिकांत ने इस कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी डॉ. रामसेवक झा के अनुसार, यह युवा संसद 20 से 23 मार्च तक नागपुर में आयोजित की जा रही है। इसका आयोजन केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली तथा भारतीय युवा संसद, मीडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में डा. हेडगेवार स्मारक समिति परिसर में हो रहा है।
इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के छात्र हिस्सा ले रहे हैं। यहां प्रतिभागी छात्र भारतीय संसद की कार्यप्रणाली, वाद-विवाद की शैली और नीति-निर्माण की जटिल प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह उनके अकादमिक और व्यावहारिक ज्ञान के बीच एक सेतु का काम करेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इन छात्रों पर रहेगा बिहार का दारोमदार
नागपुर जाने वाली टीम में संस्कृत विश्वविद्यालय के विभिन्न अंगीभूत महाविद्यालयों से छात्रों का चयन किया गया है। टीम का नेतृत्व रजनीश झा को सौंपा गया है, जिन्हें दलनायक बनाया गया है। टीम के अन्य सदस्यों में निम्नलिखित छात्र शामिल हैं:
- मदन मोहन झा (रामेश्वरलता संस्कृत महाविद्यालय)
- चुन्नू कुमार
- हर्ष कुमार पांडेय
- रजनीश झा
- दिव्य कुमार पांडेय
- सुधीर कुमार
- पंकज कुमार झा (शिक्षाशास्त्र विभाग)
- गौतम कुमार (नंदन संस्कृत महाविद्यालय, ईसहपुर)
- कार्तिक कुमार झा (राम औतार गौतम संस्कृत महाविद्यालय, अहिल्यास्थान)
- सुन्दरम कुमार झा (नागार्जुन उमेश संस्कृत महाविद्यालय, तरौनी)
रवानगी के मौके पर अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो. पुरेन्द्र बारिक, सीसीडीसी डॉ. दिनेश झा, शिक्षाशास्त्र निदेशक डॉ. घनश्याम मिश्र, डॉ. रामसेवक झा, अवन कुमार, और गोपाल उपाध्याय समेत कई पदाधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सभी ने छात्रों की सफल और सार्थक सहभागिता की कामना की।


