



कमतौल, देशज टाइम्स।दरभंगा के कमतौल में बुधवार शाम एक ऐसा नज़ारा दिखा, जिसने कई मेधावी चेहरों पर ख़ुशी और उम्मीद की नई लकीरें खींच दीं. देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 141वीं जयंती पर आयोजित एक खास समारोह में 34 छात्र-छात्राओं को ऐसी सौगात मिली, जो उनके सपनों को पंख देगी. वडोदरा के एक प्रतिष्ठित ट्रस्ट द्वारा दी गई इस छात्रवृत्ति ने साबित कर दिया कि सही दिशा में किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता. क्या था वो ख़ास मौका और कैसे बदली इन छात्रों की तकदीर, जानिए इस रिपोर्ट में…
कमरुल के पिंडारुछ स्थित पांचजन्य सेंटर के सभागार में बुधवार देर शाम ‘मेधा दिवस’ समारोह का आयोजन किया गया था. इस गरिमामयी कार्यक्रम में 15 छात्राओं सहित कुल 34 मेधावी छात्रों को वडोदरा के सीआर कोठारी मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से छात्रवृत्ति की राशि वितरित की गई. इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे, जिन्होंने अपने बच्चों की सफलता पर गर्व महसूस किया.
समारोह की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर प्रदीप कांत चौधरी ने की. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सर्जन एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि “यदि हम लक्ष्य की ओर निरंतर चलते रहें, तो कभी देर हो सकती है, लेकिन पहुंचेंगे अवश्य.” उनके इन शब्दों ने उपस्थित सभी छात्रों में नई ऊर्जा का संचार किया और उन्हें अपने सपनों के प्रति अटूट विश्वास बनाए रखने के लिए प्रेरित किया.
प्रेरणादायक उद्बोधन और भविष्य के विकल्प
इस अवसर पर मिथिला कला संस्थान, मधुबनी के आचार्य संजय कुमार जायसवाल ने छात्रों को वैकल्पिक करियर विकल्पों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी, जो उन्हें पारंपरिक शिक्षा के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी अवसर तलाशने में मदद कर सकती है. उनके संबोधन ने छात्रों को बदलते समय के साथ खुद को तैयार करने और नई दिशाओं में सोचने के लिए प्रेरित किया.
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं में बिट्स पिलानी के प्रोफेसर संजीव कुमार चौधरी, डॉ. प्रभात दास फाउंडेशन के मुकेश कुमार झा और भारती मंडन विश्वविद्यालय के पूर्व आचार्य विनय कुमार चौधरी शामिल थे. इन सभी ने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन दिया. छात्रवृत्ति पाने वाले आयुष कुमार और मुस्कान कुमारी ने भी मंच पर अपने विचार साझा किए, जिससे अन्य छात्रों को भी प्रोत्साहन मिला.
शिक्षा के सारथी: सीआर कोठारी मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट
यह जानना महत्वपूर्ण है कि वडोदरा स्थित सीआर कोठारी मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट पिछले पांच वर्षों से लगातार मेधावी और जरूरतमंद छात्रों को यह छात्रवृत्ति प्रदान कर रहा है. ट्रस्ट का यह सहयोग छात्रों को उनकी पढ़ाई पूरी होने तक मिलता रहेगा, जिससे उन्हें आर्थिक बाधाओं के कारण अपनी शिक्षा बीच में छोड़ने की नौबत नहीं आएगी. यह पहल देश के भविष्य को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रही है.
वितरित छात्रवृत्ति की राशि और लाभार्थी
इस वर्ष छात्रवृत्ति मद में कुल ₹3,000/- से लेकर ₹10,000/- वार्षिक की राशि छात्रों को प्रदान की गई. इस योजना के तहत इस बार 20 स्कूली छात्र-छात्राएं भी शामिल रहे, जिन्हें अपनी प्रारंभिक शिक्षा को बिना किसी रुकावट के जारी रखने में मदद मिलेगी. यह आर्थिक सहायता छात्रों को उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर होने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है.



