

World Cancer Day: जब भविष्य के कर्णधारों ने अपने ही अभिभावकों को सेहत का पाठ पढ़ाया, तो यह नज़ारा समाज के लिए एक मिसाल बन गया। बिहार के दरभंगा में World Cancer Day सप्ताह के अवसर पर एक ऐसी ही मार्मिक और सराहनीय पहल देखने को मिली, जहाँ स्कूली बच्चों ने अपने माता-पिता के नाम भावुक पत्र लिखकर उन्हें कैंसर के जानलेवा खतरों के प्रति सचेत किया।दरभंगा शहर के पब्लिक वेलफेअर इंग्लिश स्कूल, उर्दू बाजार के प्रांगण में गुरुवार को आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग और होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल के संयुक्त प्रयासों का परिणाम था।
इसका मुख्य उद्देश्य कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह था जब बच्चों ने चिट्ठियों के माध्यम से अपने अभिभावकों से नशापान, विशेषकर तंबाकू और गुटखा छोड़ने की अपील की।
World Cancer Day पर विशेषज्ञों ने बताए कैंसर से बचाव के उपाय
होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल की डॉक्टर अनुराधा कुमारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला में नशापान से होने वाले शारीरिक और आर्थिक नुकसान पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बच्चों को समझाया कि कैसे नशे की लत एक खुशहाल परिवार को बर्बाद कर सकती है। वहीं, जिला तकनीकी अधिकारी डॉ. सद्दाम अंसारी ने बदलती जीवनशैली को कैंसर का एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन (गुटखा, खैनी, सिगरेट) कैंसर का सबसे बड़ा कारण है और इससे बचाव का एकमात्र प्रभावी तरीका तंबाकू का पूर्ण त्याग है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने बताया कि जंक फूड का अत्यधिक सेवन और अनियमित दिनचर्या भी इस बीमारी के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।डॉ. अंसारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कैंसर के लक्षणों को शुरुआती चरण में ही पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज पूरी तरह से संभव है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सक से सलाह लें। समय पर की गई जांच और सही इलाज से कैंसर को हराया जा सकता है। यह जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए।
नशामुक्ति की शपथ के साथ कार्यक्रम का समापन
जागरूकता अभियान के अंत में, जिला तकनीकी अधिकारी डॉ. सद्दाम अंसारी ने सभी छात्र-छात्राओं को कैंसर पीड़ितों के प्रति संवेदनशील रहने और समाज को तंबाकू सेवन जैसी बुराइयों से मुक्त करने में सहयोग करने की शपथ दिलाई। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे न केवल खुद नशे से दूर रहेंगे, बल्कि अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में बताएंगे। यह कार्यक्रम सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक बदलाव की शुरुआत थी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।इस महत्वपूर्ण कार्यशाला को सफल बनाने में डॉ. अनुराधा कुमारी और डॉ. सद्दाम अंसारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। इसके अतिरिक्त, विद्यालय की ओर से ज्योति कुमारी (सीनियर क्लर्क), केतन कुमार, और शिक्षक-शिक्षिकाओं समीना खातून, राखी कुमारी, अनिता जी, श्रीकांत कुमार, सबा प्रवीण, सुधा कुमारी, प्रशांत कुमार, एवं परमेश्वर कुमार का सहयोग भी सराहनीय था।

