
Darbhanga News: जिंदगी और मौत के बीच अक्सर एक बारीक धागा होता है, और कभी-कभी एक जांबाज ड्राइवर की सूझबूझ उस धागे को टूटने से बचा लेती है। दरभंगा में एक ऐसा ही वाकया सामने आया है, जहाँ एक जलती हुई स्कूल वैन से सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया, एक बड़े हादसे को टालते हुए।
अभी स्कूल वैन से गिरकर छात्र की मौत का मामला थमा नहीं। परिवहन विभाग ने आज ही ऐलान किया कि अब जिले भर की स्कूल वैन की जांच होगी कि इस बीच आज क्या हुआ पढ़िए…
दरभंगा में गुरुवार का दिन एक ऐसे मंजर का गवाह बना जिसने पलभर के लिए हर किसी की साँसें रोक दीं। दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल की एक निजी वैन बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी कि अचानक इंजन से धुंआ उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें दिखाई देने लगीं। यह एक ऐसा क्षण था जब हर कोई सहम सकता था, लेकिन वैन चालक गुलाब कुमार पासवान ने असाधारण धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया।
Darbhanga News: बच्चों की जान बचाने वाली ड्राइवर की बहादुरी
चालक गुलाब कुमार पासवान ने बताया कि जैसे ही उन्हें इंजन से धुंआ उठता दिखा, उन्होंने तुरंत गाड़ी को सड़क किनारे रोका। एक पल की भी देरी किए बिना, उन्होंने वैन में सवार सभी मासूम बच्चों को एक-एक करके सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया। उनकी त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित त्रासदी को टाल दिया। आग तेजी से फैल रही थी, लेकिन बच्चों को सुरक्षित निकालने का उनका संकल्प मजबूत था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
स्थानीय लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर मदद का हाथ बढ़ाया। पास के एक नाले से पानी लाकर आग पर काबू पाने की कोशिश की गई और जल्द ही आग बुझा ली गई। यह सामुदायिक सहयोग और चालक की तत्परता का ही परिणाम था कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाई और कोई जनहानि नहीं हुई।
हादसे के बाद का मंजर और बच्चों की प्रतिक्रिया
आग बुझने के बाद वैन पूरी तरह से बंद हो गई और दोबारा स्टार्ट नहीं हो पाई। हालांकि, इस घटना में कोई भी बच्चा हताहत नहीं हुआ, सभी पूरी तरह से सुरक्षित हैं। बच्चों को सुरक्षित देखकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। यह घटना निश्चित रूप से बच्चों और उनके माता-पिता के लिए एक भयानक अनुभव था, लेकिन इसके सुखद अंत ने सभी को सुकून दिया।
घटना के बाद कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस और प्रशासन को भी सूचित किया गया। छात्रा आलिया प्रवीण और छात्र आशीष कुमार ने अपनी आपबीती सुनाई, जहाँ उन्होंने चालक की बहादुरी की सराहना की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/ यह दिखाता है कि संकट की घड़ी में त्वरित निर्णय कितने महत्वपूर्ण होते हैं।
गुलाब कुमार पासवान की सूझबूझ ने न केवल बच्चों की जान बचाई बल्कि यह भी साबित कर दिया कि आपात स्थिति में सही समय पर लिया गया एक छोटा सा निर्णय भी कितना बड़ा फर्क डाल सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटना बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता और स्कूल परिवहन नियमों के पालन की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालती है।




