

CCTNS: जैसे शरीर के लिए रीढ़ की हड्डी ज़रूरी है, वैसे ही बिहार पुलिस के लिए CCTNS सिस्टम है। इसी सिस्टम की नब्ज़ टटोलने और इसे और धारदार बनाने के लिए दरभंगा में एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें पुलिसिंग को आधुनिक बनाने पर ज़ोर दिया गया।
CCTNS पर रियल-टाइम एंट्री पर जोर
दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने सोमवार, 2 मार्च 2026 को अपने कार्यालय के सभा कक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिले के सभी थानों के CCTNS प्रभारी और कर्मी शामिल हुए। SSP ने फरवरी 2026 के कार्यों और आईटी एक्ट से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अहम और कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टेशन डायरी, प्राथमिकी रिपोर्ट (FIR) और अन्य सभी संबंधित दस्तावेजों की CCTNS पोर्टल पर वास्तविक समय (real-time) में एंट्री सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बैठक का मुख्य उद्देश्य अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल करना था। SSP ने कहा कि हर घटना की जानकारी तुरंत ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज होनी चाहिए ताकि वरिष्ठ अधिकारी कहीं से भी उसकी निगरानी कर सकें। उन्होंने 24 घंटे के अंदर सभी दर्ज़ प्राथमिकी और गिरफ्तारी मेमो को SCRB (स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो) पोर्टल पर अपलोड करने के भी सख्त निर्देश दिए।
पुराने मामलों की भी होगी डिजिटल स्कैनिंग
आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए, पुराने लंबित कांडों के डिजिटलीकरण पर भी जोर दिया गया। वरीय पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि पुराने कांडों की केस डायरी को वर्ष के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर CCTNS में स्कैन करके अपलोड किया जाए। इस कदम से पुराने मामलों की फाइलों को सुरक्षित रखने और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत एक्सेस करने में आसानी होगी। इससे न केवल कागजी कार्रवाई कम होगी, बल्कि पुराने मामलों की जांच में भी तेजी आएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए E-साक्ष्य ऐप
अपराध की जांच में साक्ष्यों की भूमिका सबसे अहम होती है। इसे ध्यान में रखते हुए SSP ने E-साक्ष्य ऐप के इस्तेमाल पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी कांड से संबंधित सभी महत्वपूर्ण वीडियो और तस्वीरों को नियमानुसार E-साक्ष्य ऐप पर तुरंत अपलोड किया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो जाएगी और वे जांच प्रक्रिया तथा अदालती कार्यवाही के लिए हमेशा सुरक्षित रहेंगे। यह डिजिटल साक्ष्य मामलों को सुलझाने में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे।
जीरो FIR और आरोप पत्र पर भी सख्त निर्देश
बैठक में अंतर-राज्यीय अपराधों से निपटने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। SSP ने CriMAC (क्राइम मल्टी एजेंसी सेंटर) के माध्यम से जीरो FIR को तुरंत दूसरे राज्यों में भेजने की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने का निर्देश दिया। इसके अलावा, जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र और अंतिम प्रपत्र को भी बिना देरी किए CCTNS पर अपलोड करने को कहा गया। समन और वारंट की तामील से संबंधित प्रक्रियाओं को भी तकनीकी रूप से मजबूत करने के निर्देश दिए गए। इन सभी निर्देशों का उद्देश्य दरभंगा पुलिस को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम और जवाबदेह बनाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




