

Cyber Fraud: जैसे-जैसे डिजिटल इंडिया का सूरज चढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर फ्रॉड का अंधेरा भी घना होता जा रहा है। दरभंगा में इसी अंधेरे को चीरने के लिए अब पुलिस ने कमर कस ली है और बैंकों की हीलाहवाली अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने स्पष्ट कर दिया ہے कि अगर बैंक डेटा देने में आनाकानी करेंगे तो उनके नोडल अधिकारियों तक बात पहुंची जाएगी।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब शनिवार को एसएसपी जगुनाथ रेड्डी साइबर थाने के वार्षिक निरीक्षण पर पहुंचे। उन्होंने पाया कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों की जांच में सबसे बड़ा रोड़ा बैंक बन रहे हैं। पुलिस जब भी किसी फ्रॉड केस में खाताधारक से जुड़ी जानकारी मांगती है, तो बैंक प्रबंधन समय पर डेटा उपलब्ध नहीं कराता। इस वजह से न तो अपराधियों की पहचान हो पाती है और न ही उन तक पहुंचना संभव हो पाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बैंकों की सुस्ती बन रही Cyber Fraud की ढाल
निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने साइबर थाने समेत जिले के सभी थानों को सख्त निर्देश दिया कि वे संबंधित बैंकों को फिर से रिमाइंडर भेजकर डेटा की मांग करें। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अगर स्थानीय बैंक प्रबंधक डेटा नहीं देते हैं, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। सीधे पटना में बैठे उनके नोडल पदाधिकारी को पत्र भेजकर डेटा की मांग की जाएगी।” एसएसपी ने बताया कि थाने के रजिस्टरों का अवलोकन किया गया है और सभी रिकॉर्ड सही पाए गए हैं।
साइबर अपराध से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने जांच में तेजी लाने और डिजिटल साक्ष्यों का उचित संकलन करने का निर्देश दिया। साइबर थाना अध्यक्ष और अन्य पुलिस पदाधिकारियों को सभी लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।
जागरूकता ही है सबसे बड़ा हथियार
एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए जागरूकता को सबसे बड़ा हथियार बताया। उन्होंने जानकारी दी कि सरकार ने जागरूकता के लिए एक नया पोर्टल, सीसीएसयू (CCSU), लॉन्च किया है। उन्होंने साइबर डीएसपी को निर्देश दिया कि वे जिले के सभी थानों में जाकर इस पोर्टल की जानकारी दें। इसके अलावा, स्कूल-कॉलेजों में अभियान चलाकर युवाओं और छात्रों को फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया बुलिंग जैसे खतरों के प्रति जागरूक किया जाए। थानों में तैनात तकनीकी विशेषज्ञों, प्रोग्रामर और डेटा एंट्री ऑपरेटरों को भी अपनी कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
आम जनता के लिए एसएसपी की सीधी सलाह
एसएसपी ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की और साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए।
- किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- अपना क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या बैंक से जुड़ी कोई भी जानकारी फोन पर या किसी के साथ साझा न करें।
- अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत रखें और उन्हें प्राइवेट मोड में इस्तेमाल करें।
- किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) या टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
निरीक्षण के इस मौके पर प्रशिक्षण ले रहे आईपीएस अधिकारी, साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष बिपिन बिहारी, इंस्पेक्टर विशाल सिंह और नवीन कुमार समेत कई अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




