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मार्च, 15, 2026
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Child Marriage को जड़ से मिटाने का लिया संकल्प, दरभंगा की सड़कों पर बच्चों ने नुक्कड़ नाटक से जगाई अलख

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Child Marriage: कच्ची उम्र में ब्याह दी जाने वाली गुड्डे-गुड़ियों की कहानी अब पुरानी हो चुकी है, अब उसी उम्र के बच्चे समाज की इस कुरीति के खिलाफ मशाल लेकर खुद सड़कों पर उतर आए हैं। दरभंगा के बिरौल में कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला, जहां स्कूली बच्चों ने अपने अभिनय से लोगों को झकझोर कर रख दिया।

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दरभंगा के बिरौल स्थित अधिवक्ता संघ परिसर में गुरुवार को एक अनोखी पहल देखने को मिली। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा और श्री कृष्णा आइडियल पब्लिक स्कूल के संयुक्त प्रयास से ‘सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस नाटक के नायक कोई पेशेवर कलाकार नहीं, बल्कि स्कूल के नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राएं थे, जिन्होंने अपने अभिनय से बाल विवाह के दंश को जीवंत कर दिया।

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बच्चों ने नाटक के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया कि कैसे कच्ची उम्र में शादी बच्चों की शिक्षा को अधूरा छोड़ देती है और उनके सपनों को पंख लगने से पहले ही काट देती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने यह भी दर्शाया कि इस सामाजिक बुराई को रोकने में स्कूल के शिक्षकों और ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। बच्चों ने पूरे बिरौल अनुमंडल को बाल विवाह से मुक्त बनाने की पुरजोर अपील की।

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समाज में जागरूकता ही है Child Marriage का समाधान

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, श्री शिव गोपाल मिश्र ने बच्चों की इस शानदार प्रस्तुति की जमकर सराहना की। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से समाज में जागरूकता फैलती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानून अपने आप में कुछ नहीं कर सकता, जब तक कि उसमें लोगों की सीधी भागीदारी न हो। श्री मिश्र ने कहा, “लोगों की सहभागिता के बिना, बड़े से बड़ा कानून भी केवल किताबों के पन्नों में सिमट कर रह जाता है।”

उन्होंने आगे कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने के लिए जन-जागरूकता अभियान लगातार चलते रहने चाहिए। समाज के हर व्यक्ति को अपनी ज़िम्मेदारी समझनी होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। बच्चों का यह प्रयास सराहनीय है और यह निश्चित रूप से समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाएगा।

न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की रही मौजूदगी

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में न्यायिक और विधिक जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं, जिन्होंने बच्चों का मनोबल बढ़ाया। इस अवसर पर एसीजेएम नरेश महतो, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी, एसडीजेएम सह अनुमंडल विधिक सेवा समिति के सचिव प्रियांशु राज, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पप्पू कुमार पंडित, सिविल जज राजू कुमार साह, प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार दीपक व अंकिता विशेष रूप से उपस्थित थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

इसके अतिरिक्त, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बच्चे लाल झा, श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल के कोऑर्डिनेटर रामरतन झा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण और पारा विधिक स्वयंसेवक (पीएलवी) भी इस आयोजन के साक्षी बने। सभी ने एक स्वर में बच्चों के प्रयास को सराहा और इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा में प्रयास किया जाए तो युवा पीढ़ी सामाजिक बदलाव की सबसे बड़ी वाहक बन सकती है।

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