दरभंगा न्यूज़: क्या दशकों पहले खो चुकी गन्ने की मिठास अब फिर से मिथिला की धरती पर लौटेगी? क्या यह सिर्फ एक कृषि फसल नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और समृद्धि का नया द्वार खोलेगी? दरभंगा में एक खास कार्यक्रम के दौरान इन सवालों के जवाब तलाशने और एक बड़े बदलाव की नींव रखने की कोशिश की गई है।
दरभंगा जिले के दाथ गांव स्थित ग्रामीण हाट प्रांगण में एक दिवसीय गन्ना विकास कार्यक्रम का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। गौड़ाबोराम के विधायक माननीय श्री सुजीत सिंह ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जिसमें नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक श्रीमती राजनंदनी और गन्ना विभाग के अधिकारी श्री पुष्कर राज एवं प्रियदर्शी जी भी उपस्थित रहे। इसका मुख्य उद्देश्य गन्ना की खेती को पुनः आरंभ करना और स्थानीय युवाओं को गुड़ के व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना था।
गन्ने की मिठास से लौटेगी समृद्धि?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुजीत सिंह ने कहा कि एक समय था जब हमारे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती हुआ करती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह कम होती गई। अब समय आ गया है कि हम इसे फिर से शुरू करें और अपनी जड़ों से जुड़ें। उन्होंने किसानों और नवयुवकों से गुड़ उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आगे आने का आह्वान किया। विधायक सिंह ने जोर देकर कहा कि गन्ने की खेती न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि गुड़ का व्यवसाय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
NABARD की जिला विकास प्रबंधक श्रीमती राजनंदनी ने इस पहल का समर्थन करते हुए युवाओं और किसानों को खेती के लिए बैंक से ऋण प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सही वित्तीय सहायता से ही कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
NABARD और विभाग की बड़ी पहल
गन्ना विभाग के अधिकारियों, श्री पुष्कर राज और प्रियदर्शी जी ने प्रशिक्षण सत्र के दौरान किसानों को गन्ना की खेती के उन्नत तरीकों, नवाचारों और सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार गन्ना किसानों के लिए कई लाभकारी योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी उपज बढ़ा सकते हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि उनका लक्ष्य अगले दो वर्षों में दरभंगा जिले में गन्ना की खेती को 2000 हेक्टेयर तक बढ़ाना है, जो इस क्षेत्र के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है।
पचास से अधिक किसानों ने लिया प्रशिक्षण
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में दरभंगा जिले के लगभग हर प्रखंड से पचास से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। उपस्थित किसानों में किसान सलाहकार पशुपति कुमार, रामकुमार मिश्र, पप्पू कुमार झा, ब्रजकिशोर यादव, हीराप्रसाद सुमन, मुरारी झा, तिरपीत यादव, गंगा सागर झा, रमेश झा, पिंकू कुमार सिंह और संतोष झा प्रमुख थे। सभी प्रतिभागियों ने इस पहल में गहरी रुचि दिखाई और गन्ने की खेती के पुनरुद्धार को लेकर उत्साह व्यक्त किया। यह कार्यक्रम गन्ने की खेती को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








