
Darbhanga Super Specialty Hospital: दरभंगा की स्वास्थ्य सेवाओं में अब पंख लगने वाले हैं, सालों का इंतजार खत्म होने की कगार पर है क्योंकि सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में अब मरीजों को भर्ती कर इलाज की सुविधा मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
मिथिला क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने गुरुवार को पटना में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव लोकेश कुमार सिंह के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसके बाद यह स्पष्ट हो गया है कि बहुप्रतीक्षित सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में जल्द ही इनडोर सेवाएं प्रारंभ कर दी जाएंगी। यह बैठक क्षेत्र के लोगों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है, जो लंबे समय से इस सुविधा का इंतजार कर रहे थे।
Darbhanga Super Specialty Hospital: क्यों अटका था इनडोर सेवा का मामला?
सांसद डॉ. ठाकुर ने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल में इनडोर सेवा शुरू करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन पहले से ही मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 85 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई मशीनें और उपकरण साल 2018 से ही उपलब्ध हैं। इसके अलावा, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, और न्यूरोलॉजी जैसे प्रमुख विभागों के लिए दो-दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती भी दो साल पहले ही कर दी गई थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके बावजूद इनडोर सेवाओं का शुरू न होना एक गंभीर चिंता का विषय था।
बैठक के दौरान यह जानकारी सामने आई कि अस्पताल में आईसीयू के 30 बेड, आईसीसीयू के 12 बेड, और नेफ्रोलॉजी विभाग में डायलिसिस की 6 आधुनिक मशीनें विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ तैयार हैं। इन सुविधाओं के अभाव में मरीजों को महंगे निजी नर्सिंग होम की शरण लेनी पड़ती थी, जहां उनका आर्थिक शोषण होता था। सांसद ने इस देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, यह सुनिश्चित करने की मांग की है।
अतिक्रमण और डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर भी हुई चर्चा
इस महत्वपूर्ण बैठक में सिर्फ सुपरस्पेशलिटी अस्पताल ही नहीं, बल्कि डीएमसीएच से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी गहन चर्चा हुई। सांसद ने डीएमसीएच की 73 एकड़ अतिक्रमित भूमि को तत्काल खाली कराने के लिए मिशन मोड में कार्रवाई करने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने डीएमसीएच और सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में डॉक्टरों की दैनिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि स्वास्थ्य सुविधा की गुणवत्ता बनी रहे।
सांसद ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि बड़ी संख्या में पीजी छात्र होने के बावजूद मेडिसिन और एनेस्थीसिया जैसे महत्वपूर्ण विभाग चालू नहीं किए गए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सचिव से डीएमसीएच में पैरामेडिकल के खाली पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से शीघ्र भरने का भी आग्रह किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्वास्थ्य सचिव ने सांसद को आश्वासन दिया कि वे जल्द ही दरभंगा का दौरा करेंगे और डीएमसीएच प्रशासन, जिला प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के साथ एक समीक्षा बैठक कर सभी समस्याओं का समाधान करेंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
सांसद डॉ. ठाकुर ने केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिथिला क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को हर दृष्टि से सक्षम बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी आम नागरिक को इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े।





