
Prisoner Escape: पुलिस को चकमा देकर फरार होना, जैसे रेत में मछली का फिसल जाना, एक शातिर चोर ने दरभंगा में कानून व्यवस्था को चुनौती दी। लेकिन, न्याय की पकड़ लंबी होती है, और आखिरकार उसे फिर से दबोच लिया गया।
दरभंगा: स्वास्थ्य केंद्र से फिल्मी स्टाइल में भागा Prisoner Escape, 3 घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया शातिर चोर
Prisoner Escape: आखिर कैसे भागा आरोपी?
Prisoner Escape: दरभंगा में मंगलवार की दोपहर बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में एक नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, जब चोरी के आरोपी मो. जयदा पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, पुलिस ने उसे एक बड़े नाले से दोबारा गिरफ्तार कर लिया। यह घटना तब हुई जब पुलिस लहेरियासराय थाना क्षेत्र में चोरी के ऑटो को काटकर उसके पुर्जे बेचने वाले एक गिरोह के दो सदस्यों को मेडिकल जांच के लिए लाई थी।
दरअसल, लहेरियासराय पुलिस को सूचना मिली थी कि भिगो रोड स्थित एक सरकारी स्कूल के पीछे खाली मैदान में दो युवक ऑटो रिक्शा काट रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस को देखते ही दोनों युवक भागने लगे, लेकिन पीछा करने के बाद उन्हें पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लहेरियासराय थाना क्षेत्र के रहम खां मोहम्मद रफीक आलम के 20 वर्षीय पुत्र मो. जयदा और उर्दू बाजार मोहल्ले के रहने वाले मो. माजिद कुरैशी के 25 वर्षीय पुत्र माजिद कुरैशी के रूप में हुई थी। दोनों के खिलाफ कांड संख्या 27/26 दर्ज किया गया।
मंगलवार को, अनुसंधानक दारोगा अशोक कुमार चार पुलिस बल के साथ दोनों आरोपियों को बहादुरपुर पीएचसी में स्वास्थ्य जांच के लिए ले गए। इसी दौरान आरोपी मो. जयदा पुलिस को चकमा देकर स्वास्थ्य केंद्र से फरार हो गया। उसने अस्पताल से कुछ ही दूरी पर स्थित मनरेगा भवन के पास एक नाले में छिपकर पुलिस से बचने की कोशिश की। इस घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अमित कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, पुलिस ने फरार आरोपी जयदा को नाले से बाहर निकालकर दोबारा गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस को चकमा देकर फरार होने के आरोप में आरोपी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया जा रहा है। साथ ही, पुलिस इस ऑटो चोरी गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में भी जुट गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सदर एसडीपीओ राजीव कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि ऑटो चोरी गिरोह से जुड़े दोनों युवकों को जेल भेजने से पहले मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया गया था, जहां से एक आरोपी फरार हो गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे नाले के अंदर से निकाला गया। उन्होंने यह भी बताया कि फरार होने में दोषी सिपाही के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है। यह घटना पुलिस की चौकसी पर सवाल उठाती है, लेकिन आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी ने पुलिस की साख बचा ली।
पुलिस कर्मियों पर गिरेगी गाज
फरार आरोपी को दोबारा पकड़ने के बाद उसे इलाज के लिए पीएचसी ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) रेफर कर दिया। इलाज के उपरांत शातिर चोर मो. जयदा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए अभियान चला रही है। यह घटना दर्शाती है कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को और अधिक सतर्कता और प्रशिक्षण की आवश्यकता है।




