
Darbhanga traffic jam: शहर की सड़कें मानो रबर की तरह खिंच गई हैं और गाड़ियां चींटियों की तरह रेंग रही हैं। यह नज़ारा है दरभंगा का, जहां ट्रैफिक जाम की समस्या नासूर बन चुकी है और प्रशासन के सारे दावे खोखले साबित हो रहे हैं। शहर को जाम के जंजाल से मुक्ति दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़े तामझाम के साथ वन-वे व्यवस्था लागू की, लेकिन यह व्यवस्था कुछ चौराहों पर सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है।
टावर चौक और नाका नंबर 6 जैसे कुछ स्थानों पर तो पुलिसकर्मी मुस्तैद दिखते हैं, लेकिन वहां भी अगर कोई बाइक सवार मजबूरी का हवाला देता है तो उसे नियम तोड़कर जाने की इजाजत आसानी से मिल जाती है। इससे सवाल उठता है कि क्या यह नियम सिर्फ कुछ खास लोगों या वाहनों के लिए बनाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दूसरी तरफ, लोहिया चौक जैसे व्यस्त इलाके में ट्रैफिक सिपाही अपनी ड्यूटी छोड़कर गपशप में व्यस्त रहते हैं, और दारू भट्टी चौक की ओर से आने वाले बाइक सवार बिना किसी रोक-टोक के नियम तोड़ते हुए निकल जाते हैं।
Darbhanga traffic jam: क्या सिर्फ बाइक वालों के लिए है वन-वे नियम?
प्रशासन की इस आधे-अधूरे प्रयास का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। शहर में अतिक्रमण की समस्या भी जस की तस बनी हुई है। नगर निगम की टीम कभी-कभार अभियान चलाकर फुटपाथी दुकानदारों का चालान तो काट देती है, लेकिन दुकानदार फिर से अपनी जगह पर काबिज हो जाते हैं। इसी का नतीजा है कि सोमवार को दिनभर शहर की सड़कों पर गाड़ियां रेंगती रहीं। स्वीट होम चौक पर तो एक भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी की गैरमौजूदगी ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया, जिससे वहां लगातार जाम लगा रहा।
लहेरियासराय गुदरी बाजार की कहानी भी कुछ अलग नहीं है। यहां से फुटपाथी दुकानदारों को हटाया तो गया था, लेकिन वे दोबारा सड़क पर जम गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इतना ही नहीं, जो स्थायी दुकानदार हैं, वे भी अपनी दुकान का सामान सड़क पर फैलाकर जाम को खुला न्योता दे रहे हैं।
अतिक्रमण और ट्रैफिक पुलिस की सुस्ती बनी बड़ी वजह
इस पूरी व्यवस्था में सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवारों को हो रही है, जबकि बड़े वाहन चालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बेंता चौक से कर्पूरी चौक की ओर जाने वाले ऑटो चालक सरेआम नियम तोड़कर सवारियां भरते देखे जा सकते हैं, जिसे देखकर आम लोग यही कहते हैं कि ऐसे आधे-अधूरे नियम को लागू करने का क्या फायदा। प्रशासन की यह नाकामी शहरवासियों के लिए रोज की मुसीबत बन गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।




