
बिरौल, दरभंगा समाचार: शनिवार की रात दरभंगा के बिरौल में एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक तेज रफ्तार बेकाबू ट्रक काल बनकर आया और एक हंसते-खेलते परिवार के इकलौते चिराग को बुझा गया। क्या हुआ उस रात, जिसने तीन जिंदगियों को अंधेरे में धकेल दिया?
बिरौल, दरभंगा: थाना क्षेत्र के विशनपुर-बेनीपुर महीनाम सड़क पर शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 26 वर्षीय युवक मिथुन सहनी की मौत हो गई। यह घटना रात करीब 9:30 बजे उस वक्त हुई, जब नेउरी गांव निवासी योगेंद्र सहनी के पुत्र मिथुन अपने घर से बाहर सड़क पर टहल रहे थे। बिरौल से महीनाम-बेनीपुर की ओर जा रहे एक अनियंत्रित खाली ट्रक ने नेउरी के पास अचानक अपना संतुलन खो दिया। ट्रक सड़क किनारे खड़ी एक मोटरसाइकिल को रौंदते हुए सीधे एक चाय की दुकान में जा घुसा, जिसकी चपेट में आकर मिथुन सहनी की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में चाय दुकानदार दंपत्ति भी घायल
इस भीषण दुर्घटना में मिथुन सहनी के अलावा चाय दुकानदार बिन्दे सहनी और उनकी पत्नी आरती देवी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और ग्रामीणों की मदद से तीनों घायलों को इलाज के लिए तुरंत दरभंगा ले जाया जाने लगा। हालांकि, रास्ते में बेनीपुर पहुंचते ही मिथुन सहनी ने दम तोड़ दिया। वहीं, चाय दुकानदार दंपत्ति को बेनीपुर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में महिला आरती देवी की एक पसली टूटने की पुष्टि हुई है।
सूचना मिलते ही बिरौल पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक मिथुन सहनी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को भी जब्त कर लिया है, लेकिन हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार होने में सफल रहा।
परिवार का इकलौता सहारा था मिथुन
मिथुन सहनी अपने परिवार में दो भाइयों में छोटे थे और उन्हें परिवार का मुख्य सहारा माना जाता था। परिजनों ने बताया कि वह एक होनहार युवक था और घर के खेतीबाड़ी के काम में भी सहयोग करता था। उसकी अचानक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मिथुन की मां शांति देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
सड़क सुरक्षा और मुआवजे की मांग
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और जदयू जिला सोशल मीडिया प्रभारी सह बिरौल अनुमंडल रोगी कल्याण समिति के सदस्य इंद्र मोहन साफी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। इसके साथ ही, साफी ने भविष्य में ऐसी अनियंत्रित वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों को और कड़ा करने की अपील भी की है। बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएमसीएच में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।






