Darbhanga Murder: दोस्ती के नाम पर कालिख पोत दी गई, जब नववर्ष की पार्टी खूनी साजिश में बदल गई। दो दोस्त निकले थे नए साल का जश्न मनाने, लौटे तो सिर्फ उनके शव मिले, एक गहरा रहस्य छोड़कर। दरभंगा जिले में दो लापता दोस्तों के शव मिलने से सनसनी फैल गई है, जिसने इलाके में खौफ का माहौल बना दिया है। सदर थाना क्षेत्र के कबीरचक निवासी चुन्नू महतो (22) और उसके दोस्त बादल कुमार (21) की हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी छोटू को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला 1 जनवरी से शुरू हुआ जब दोनों दोस्त नववर्ष मनाने के लिए भैरोपट्टी गए थे। वहां उन्होंने अमर और सोमू नामक दोस्तों के साथ मस्ती की। वापसी में मिल्की गांव के रास्ते घर जाते हुए उनकी मुलाकात बादल के दोस्त राजन से हुई।


इसी दौरान यह बात सामने आई कि मिल्की का छोटू उनसे बार-बार मिलने के लिए फोन कर रहा था, क्योंकि उनके कुछ पुराने विवाद थे। चुन्नू और बादल ने अपने दोस्तों को बताया कि वे छोटू से मिलकर विवाद सुलझाएंगे और फिर घर जाएंगे। इस घटना के बाद, बादल ने रात करीब 8 बजे अपनी मां को फोन कर जल्द घर आने की बात कही, लेकिन वे कभी नहीं लौटे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
परिजन लगातार उनकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर सदर थाने में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जांच के दौरान, 2 जनवरी को बहादुरपुर थाना क्षेत्र के बीएमपी 13 स्थित निर्माणाधीन आमस सड़क के किनारे से चुन्नू की बाइक बरामद हुई। इसके बाद से ही परिजनों को अनहोनी की आशंका सताने लगी थी।
दरभंगा मर्डर: कैसे हुई दो दोस्तों की निर्मम हत्या?
बाइक बरामदगी के एक दिन बाद, बहादुरपुर थाना के पौखरसामा गांव के एक खेत से चुन्नू महतो का शव बरामद हुआ। उनके गर्दन पर चाकू के गहरे जख्म थे और शव के पास से नारियल की नई रस्सी भी मिली थी। आशंका जताई गई कि रस्सी से गला घोंटकर और चाकू से गोदकर उनकी हत्या की गई है। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। चुन्नू के परिजनों ने मिल्की गांव के छोटू और बेला याकूच गांव के रितिक शर्मा पर हत्या का आरोप लगाया, जिनमें से रितिक पहले भी गोली चलाने के मामले में जेल जा चुका है और छोटू शराब के धंधे से जुड़ा बताया जाता है।
सदर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही थी। इस बीच, लापता बादल कुमार का शव बहादुरपुर थाना क्षेत्र के मिल्की गांव के एक गाछी में तीन फीट जमीन के नीचे से बरामद किया गया, जिससे इस डबल मर्डर केस की गुत्थी सुलझने लगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस की सक्रियता से खुला दोहरे हत्याकांड का राज
तकनीकी सेल की मदद से पुलिस ने मुख्य आरोपी छोटू को सुबह 10 बजे उसके एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया। छोटू की निशानदेही पर ही बादल का शव बरामद किया गया। एसडीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि छोटू सहित कुल आठ युवकों ने मिलकर नववर्ष की रात मिल्की गाछी में शराब पार्टी की थी। इसी पार्टी के दौरान पहले बादल की हत्या की गई। उसके सिर पर लोहे की रॉड, ईंट और पत्थर से वार कर उसे बेरहमी से कुचल दिया गया।
बादल की हत्या के बाद, आरोपियों ने घटनास्थल से लगभग आधा किलोमीटर दूर एक सूखे डबरे के पास गाछी में दो आम के पेड़ों के बीच तीन फीट गहरा गड्ढा खोदकर शव को गाड़ दिया। इसके बाद, उन्होंने चुन्नू उर्फ मन्ना को डरा-धमका कर शव ठिकाने लगाने में मदद करने के लिए मजबूर किया। बादल का शव गाड़ने के बाद, चुन्नू को लगभग एक किलोमीटर आगे निर्माणाधीन आमस सिक्स लेन पुल के पास एक सरसों के खेत में ले जाया गया। वहां रस्सी से गला घोंटकर उसकी भी हत्या कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, रितिक और बादल के बीच पुरानी रंजिश थी, और रितिक व छोटू दोनों शराब, टैबलेट और गांजा जैसे नशीले पदार्थों के धंधे से जुड़े हैं। बादल की हत्या रुपये के लेनदेन के विवाद के कारण की गई थी। चुन्नू का इन विवादों से कोई सीधा लेना-देना नहीं था, वह तो सिर्फ नए साल की पार्टी और खाने-पीने के चक्कर में बादल के साथ चला गया था। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
घटनास्थल पर एफएसएल, टेक्निकल सेल, सदर थाना के अलावा मब्बी, सोनकी, बहादुरपुर, सिमरी, फेकना एपीएम और पतोर थाने की पुलिस भी मौजूद थी। एसडीपीओ राजीव कुमार ने पुष्टि की कि एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और यह हत्या आपसी रंजिश का परिणाम है। इस भयानक Darbhanga Murder में कुल आठ लोग शामिल थे। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही अन्य सभी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





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