
वरिष्ठ अधिवक्ता: दरभंगा बार एसोसिएशन में एक ऐसे नामचीन हस्ती की पुण्यतिथि मनाई गई, जिन्होंने अपने जीवनकाल में कानून के पेशे को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। हम बात कर रहे हैं फौजदारी के प्रख्यात अधिवक्ता और पूर्व लोक अभियोजक स्व. त्रिवेणी कांत झा की। उनकी 15वीं पुण्यतिथि पर साथी वकीलों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके असाधारण योगदानों को याद किया।
दरभंगा जिला बार एसोसिएशन भवन में शुक्रवार को फौजदारी के नामचीन अधिवक्ता एवं पूर्व लोक अभियोजक स्व. त्रिवेणी कांत झा की 15वीं पुण्यतिथि मनाई गई। पूर्व पीपी विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में वकीलों ने स्व. त्रिवेणी बाबू को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके कृतित्व को याद किया गया और विधि के क्षेत्र में उनके द्वारा स्थापित उच्च मानदंडों पर चलने का संकल्प लिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह अवसर था उनके जीवन मूल्यों और कानूनी नैतिकता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को पुनः स्मरण करने का।
वरिष्ठ अधिवक्ता के आदर्श और सेवा भाव
वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह ने स्व. त्रिवेणी बाबू से जुड़े कई प्रेरक संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि लोक अभियोजक के पद पर रहते हुए स्व. त्रिवेणी बाबू बिहार सरकार को अपना क्लाइंट मानते थे और पूरी निष्ठा से अपना कर्तव्य निभाते थे। सिंह ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि जिले में पदस्थापित एक तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से उनके विरुद्ध एक झूठा मुकदमा दायर कराया था। इस मामले में दरभंगा के तत्कालीन जिला जज ने उन्हें ब्लैंकेट जमानत की सुरक्षा दी थी, जिसका अर्थ है कि उन्हें पीपी पद पर रहते हुए किसी भी पूर्व, वर्तमान या भविष्य के मामलों में अग्रिम जमानत मिली थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह घटना उनकी प्रतिष्ठा और न्यायिक व्यवस्था में उनके विश्वास का प्रमाण है।
वकीलों के सम्मान के प्रतीक
अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने स्व. त्रिवेणी बाबू को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा वकीलों के मान-सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। यही कारण है कि वे आज भी वकीलों के बीच जीवंत प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उनका जीवन न्याय और ईमानदारी की मिसाल है। विधि के क्षेत्र में उनकी ईमानदारी और न्यायनिष्ठा बेमिसाल थी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
रमणजी चौधरी के संयोजकत्व में आयोजित इस भावपूर्ण कार्यक्रम में स्पेशल पीपी संजीव कुमार कुंवर, अनिल कुमार सिंह, विरेन्द्र कुमार सिंह, विजय नारायण चौधरी, हिरानंद मिश्रा, मनोज कुमार, विष्णुकांत चौधरी, अनिल कुमार मिश्रा, राधिका कुमारी, अनीता आनंद, रामवृक्ष सहनी, संतोष कुमार सिन्हा, श्याम बिहारी राय, शशिभूषण प्रसाद सिंह, रामशंकर चौधरी, रामविलास महतो, बूलन कुमार झा समेत सैकड़ों वकीलों ने पुष्पांजलि अर्पित कर इस महान वरिष्ठ अधिवक्ता को श्रद्धांजलि निवेदित की। यह समारोह एक ऐसे विधि व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि थी, जिसने कानून के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी।







