
दरभंगा समाचार: क्या आपने कभी सोचा है कि आपका पैन नंबर इस्तेमाल कर कोई और अरबों का कारोबार खड़ा कर देगा? बिहार के दरभंगा में एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक के पैन कार्ड का दुरुपयोग कर 76 करोड़ रुपये का फर्जी बिजनेस चला दिया गया. जब उसके बैंक खाते फ्रीज हुए, तब उसे इस पूरे जालसाजी की भनक लगी.
यूपीआई ब्लॉक होने पर खुला राज
जिले के आधारपुर गांव के रहने वाले सत्यम कुमार मिश्रा ने साइबर थाना में एक शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने बताया कि उनका यूपीआई अचानक ब्लॉक हो गया था. जब उन्होंने अपने बैंक से संपर्क किया, तो उन्हें पता चला कि डिप्टी कमिश्नर के आदेश पर उनके खाते फ्रीज किए गए हैं. यह जानकारी मिलते ही सत्यम के होश उड़ गए, क्योंकि उन्हें ऐसे किसी भी कारोबार की कोई जानकारी नहीं थी.
पैन का दुरुपयोग कर दो फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन
खाते फ्रीज होने की वजह जानने के लिए सत्यम ने जब गहनता से जांच की, तो एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई. जीएसटी पोर्टल पर जाकर देखने पर पता चला कि उनके पैन कार्ड का इस्तेमाल कर दो फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन किए गए हैं. इन रजिस्ट्रेशन के बारे में सत्यम को कोई पूर्व जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने इसके लिए कभी आवेदन किया था. यह स्पष्ट था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम और पैन का दुरुपयोग कर यह धोखाधड़ी की है.
76 करोड़ का अवैध कारोबार
जांच में सामने आया कि इन अनाधिकृत जीएसटी पंजीकरणों का उपयोग करके वित्तीय वर्ष 2022 से 2025 के बीच लगभग 76 करोड़ रुपये का बड़ा कारोबार किया गया है. यह पूरा कारोबार सत्यम कुमार मिश्रा के पैन नंबर और फर्जी जीएसटी नंबरों पर संचालित हो रहा था, जिसकी उन्हें कोई खबर नहीं थी. सत्यम ने अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके पैन का उपयोग करके धोखाधड़ी से जीएसटी पंजीकरण किया गया है.
साइबर पुलिस कर रही जांच
इस गंभीर धोखाधड़ी के बाद सत्यम कुमार मिश्रा ने तुरंत साइबर थाना का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने अपनी शिकायत में पुलिस से अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जाए और उनके पैन नंबर का दुरुपयोग कर कारोबार करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष बिपिन बिहारी ने इस मामले की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सत्यम कुमार मिश्रा के आवेदन के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि जीएसटी नंबर पर कारोबार करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.




