

दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। दरभंगा का बेटी जिंदगी और मौत से जूझ रही है। पहले दरभंगा में इलाज, हालत बिगड़ी अब पटना पालीका विनायक हॉस्पिटल में चल रहा है इलाज। यह बेटी अपर्णा कुमारी है। अर्पणा की हालत लगातार बिगड़ रही है।
पिता राम कुमार राय और माता रूणा देवी को कुछ समझ नहीं आ रहा। ऐसे में, दरभंगा के युवा जोश से लबरेज, कर्त्तव्यनिष्ठ, समर्पित डीएम राजीव रौशन (DM Rajeev Roshan) ने अर्पणा की जिंदगी में फिर से रौशनी लेने की ठानी है। डीएम राजीव रौशन की जिद से आज भटियारी सराय दरभंगा की अर्पणा कुमारी अब बेहतर इलाज की उम्मीद में, जिंदगी जीत लेने की ठान चुकी है। पढ़िए पूरी खबर
जानकारी के अनुसार,राम कुमार राय की बेटी अर्पणा कुमारी (Darbhanga’s daughter Arpana) को सोनकी बाजार में एक कार सवार ने कुचल दिया था। तेरह फरवरी को यह हादसा हुआ। उस दौरान अर्पणा सोनकी बाजार में सब्जी लेने गई थी।
मौके से कुचलकर भागते मारूति सुजुकी के चालक को स्थानीय लोगों और पुलिस ने दबोच लिया था। मगर, अर्पणा की इस हादसे के बाद स्थिति बेहद नाजुक हो गई। तत्काल 18 साल की अर्पणा की स्थिति चिंताजनक देख परिजन उसे स्थानीय निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। वहां उसका इलाज चला मगर उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई।
स्थिति चिंताजनक होने के कारण उसे पटना के पालीका विनायक हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां उसका इलाज चल रहा है। मगर, उसकी और उसके परिवार की दयनीय आर्थिक हालात अर्पणा के सामने खड़ी हो गई। इसी बीच परिवार को एक सहारा मिला।
अमीन संघ के प्रदेश अध्यक्ष त्रिभुवन कुमार
त्रिभुवन कुमार ने तत्काल अर्पणा को देखने अस्पताल पहुंचे। इन्हें पता चला, घर स्थिति दयनीय होने के कारण इलाज कराने में सभी असमर्थ हो रहे। परिजनों की गुहार और हालात के बाद त्रिभुवन कुमार ने तत्काल दरभंगा के डीएम राजीव रौशन से बात करने की सोची।
त्रिभुवन कुमार को सहसा लगा अगर कहीं से कोई मदद मिल सकती है तो वह डीएम राजीव रौशन ही हैं। इसकी जानकारी तत्काल उन्होंने दरभंगा के जिलाधिकारी राजीव रौशन को दूरभाष पर दी। उन्हें तमाम हालात की जानकारी देकर जान बचाने और इलाज में मदद करने की गुहार लगाई।
फिर क्या था। जिलाधिकारी श्री रौशन ने तत्काल संबंधित परिवहन विभाग पदाधिकारी, सिविल सर्जन को संपूर्ण जानकारी देखकर यथासंभव नियमानुकूल सहयोग करने का निर्देश दिए। निर्देशानुसार परिवहन विभाग ₹50000 परिजन के हाथों में देकर अर्पणा की जिंदगी को वापस लाने में भरपूर मदद की।

वहीं, सिविल सर्जन 50000 रुपया लेकर पालिका विनायक हॉस्पिटल पहुंच स्थिति का जायजा लेते हुए हॉस्पिटल प्रशासन को इलाज में कहीं कोई कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए। यथासंभव आगे सहयोग करने की बात भी कही।
वहीं जिलाधिकारी श्री रौशन ने कहा, वह अपर्णा की जान बचाने के लिए आगे भी प्रयास करते रहेंगे। मौके पर त्रिभुवन कुमार ने दरभंगा की बेटी अर्पणा की जान बचाने के लिए यथासंभव लोगों से भी मदद की गुहार लगाई है। विशेष जानकारी के लिए 7903827498 पर कॉल कर मदद करने का आग्रह भी किया है।

अमीन संघ के प्रदेश अध्यक्ष त्रिभुवन कुमार ने देशज टाइम्स को बताया कि पटना पालिका विनायक हॉस्पिटल में उसकी एक 19 वर्षीय बहन अंजना कुमारी के साथ सहयोगी प्रभात कुमार इलाज करवा रहे हैं। अर्पणा की स्थिति पर नजर रखने और उसे और उसके परिजनों को किसी बात की कोई तकलीफ ना हो इसके लिए दो सदस्यीय टीम दीपक कुमार और दिलखुश कुमार उनकी सेवा में दिन-रात जुटे हैं। इधर, डीएम राजीव रौशन के इस प्रयास की देशज टाइम्स भी सलाम करता है।



You must be logged in to post a comment.