
दरभंगा देशज टाइम्स: ख़ाकी वर्दी पर एक बार फिर दाग लगा है। ड्यूटी के दौरान एक दारोगा की ऐसी हरकत सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया है। महिला होमगार्ड से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप में दारोगा को निलंबित कर दिया गया है और अब आगे की कार्रवाई जारी है।
दरभंगा के मोरो थाना में पदस्थापित दारोगा रौशन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर एक महिला होमगार्ड सिपाही के साथ छेड़छाड़ का गंभीर आरोप है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, महिला सिपाही को न्यायालय में प्रस्तुत कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 183 के तहत उसका बयान दर्ज कराया गया है। कोर्ट के आदेश पर पीड़िता को चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
छेड़छाड़ की वारदात
घटना 1 दिसंबर की रात की बताई जा रही है, जब दारोगा रौशन कुमार मोरो थाने में ही तैनात महिला होमगार्ड सिपाही के कमरे में घुस गए और उसके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने लगे। सूत्रों के मुताबिक, महिला सिपाही ने इसका जमकर विरोध किया और शोर मचाया। शोर सुनकर जब अन्य पुलिसकर्मियों के आने की आहट हुई, तो आरोपी दारोगा कमरे से निकल भागे।
बताया जा रहा है कि घटना के दिन मोरो थानाध्यक्ष दिव्या ज्योति कुमारी अवकाश पर थीं। उनकी अनुपस्थिति के कारण दारोगा रौशन कुमार ही थाने का प्रभार संभाल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस अप्रिय घटना को अंजाम दिया।
शिकायत और उच्चाधिकारियों की कार्रवाई
महिला सिपाही ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी तत्काल अपने वरीय अधिकारियों को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरीय अधिकारियों के निर्देश पर महिला सिपाही ने मोरो थाना में दारोगा रौशन कुमार के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई। घटना के बाद मंगलवार को सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजीव कुमार खुद मोरो थाना पहुंचे और मामले की गहनता से जानकारी ली।
सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने इस पूरे प्रकरण से वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) जगुनाथ रड्डी जलरड्डी को अवगत कराया। एसएसपी के कड़े निर्देश के बाद आरोपी दारोगा रौशन के खिलाफ महिला होमगार्ड सिपाही के आवेदन पर मामला दर्ज किया गया।
गिरफ्तारी को लेकर क्या है स्थिति?
हालांकि, इस मामले में अभी तक आरोपी दारोगा रौशन की गिरफ्तारी नहीं हुई है। थानाध्यक्ष दिव्या ज्योति कुमारी, जो छुट्टी से वापस आ चुकी हैं, ने बताया कि जिस अपराध में 7 साल से कम की सजा का प्रावधान होता है, ऐसे मामलों में तत्काल गिरफ्तारी नहीं की जाती है। उन्होंने कहा कि वरीय पदाधिकारी के निर्देशानुसार मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।




