

Kusheshwar Asthan में पहलवानों का महाकुंभ, दिल्ली के राहुल ने कानपुर के अर्जुन को दी पटखनी, देखें पूरी लिस्ट
Kusheshwar Asthan: अखाड़े की मिट्टी चंदन बन गई और पहलवानों का पसीना गंगाजल, जब तिलकेश्वर की धरती पर ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच देश के नामचीन सूरमा दो-दो हाथ करने उतरे। पूर्वी प्रखंड के तिलकेश्वर में माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित चार दिवसीय कुश्ती दंगल का तीसरा दिन बेहद रोमांचक रहा। इस आयोजन को देखने के लिए दूर-दराज से हजारों की संख्या में दर्शक उमड़ पड़े, जिससे अखाड़े के चारों ओर मेले जैसा दृश्य बन गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पहलवानों ने जब अपना दम दिखाया, तो पूरा इलाका तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Kusheshwar Asthan के अखाड़े में दिखा दम-खम
अयोध्या से पधारे बाबा केशव दास की अध्यक्षता में तीसरे दिन की प्रतियोगिता संपन्न हुई। उनके मार्गदर्शन में पहलवानों ने एक-दूसरे को चुनौती दी। अखाड़े में उतरते ही पहलवानों ने ऐसे पारंपरिक दांव-पेंच दिखाए कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस पारंपरिक कुश्ती ने इलाके में एक नया जोश भर दिया है।
मुख्य मुकाबलों की बात करें तो दिल्ली से आए राहुल पहलवान ने एक कड़े संघर्ष में कानपुर के अर्जुन पहलवान को हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। वहीं, पटना की धरती से आईं धनवन्ती पहलवान ने राजस्थान के साबो सिंह को धूल चटाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। कश्मीर से आए सुल्तान पहलवान ने भी गौरी को हराकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पंजाब के हरिंदर पहलवान ने अयोध्या के रितेश पहलवान को परास्त किया। एक अन्य महत्वपूर्ण मुकाबले में कश्मीर के सुल्तान पहलवान ने राजस्थान के ठाकुर भवानी सिंह को शिकस्त देकर अखाड़े में अपनी बादशाहत कायम रखी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
बराबरी पर छूटा टाइगर और बलवान का मुकाबला
अन्य रोमांचक मुकाबलों में राजस्थान के मनोज ने रोहियार के दीपक को हराया, जबकि अयोध्या के टाईगर पहलवान और पंजाब के बलवान के बीच हुआ मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। इस दौरान खेल भावना का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला, जहां हार-जीत के बाद भी पहलवानों ने एक-दूसरे का सम्मान किया, जो इस आयोजन की पहचान रही।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में रामेश्वर यादव, मुखिया पति परमानंद शाह, राजेंद्र प्रसाद यादव, राम सकल यादव, हरे कृष्णा सदा, गणेश चौधरी, सुकन प्रसाद यादव, गौरव राय और साहेब राय सहित कई गणमान्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय युवाओं में भी कुश्ती को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

