Darbhanga BDO Raid: दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड में पदस्थापित बीडीओ चंद्र मोहन पासवान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने उनके आवास और कार्यालय समेत कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
केवटी प्रखंड के बीडीओ चंद्र मोहन पासवान की संपत्ति और कार्यशैली को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से चर्चाएं थीं। अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी ने इन चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है। ईओयू को प्रारंभिक जांच में बीडीओ पासवान के पास आय से 89 लाख 13 हजार 500 रुपये अधिक की संपत्ति होने के संकेत मिले हैं।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Darbhanga BDO Raid के दौरान मिली ये चीजें, चौंकाने वाला खुलासा!
ईओयू की टीम ने बुधवार को बीडीओ के केवटी स्थित सरकारी आवास और कार्यालय, दरभंगा के बहादुरपुर स्थित निजी आवास और मधुबनी जिले के पैतृक गांव बाबूबरही समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। छापेमारी के दौरान टीम को जमीन खरीद, विभिन्न व्यवसायों में निवेश, बीमा पॉलिसी और अन्य वित्तीय लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं। जांच एजेंसी ने बीडीओ के बैंक खातों में जमा करीब 10 लाख रुपये को फ्रीज भी कर दिया है, जिससे यह संपत्ति और बढ़ सकती है।
पुराने आरोप फिर सुर्खियों में, सरकारी पेड़ कटाई का मामला
बीडीओ चंद्र मोहन पासवान के पूरे सेवा काल में उनकी पोस्टिंग मुख्य रूप से दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और सीतामढ़ी जैसे आसपास के जिलों तक ही सीमित रही। सूत्रों की मानें तो स्थानीय स्तर पर इसका गलत फायदा उठाया गया। ईओयू की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उन्होंने दरभंगा और मधुबनी में करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की और विभिन्न प्रतिष्ठानों में निवेश किया। इसके अलावा, प्रखंड कार्यालय परिसर में लगे सरकारी पेड़ों की कटाई कर उनसे फर्नीचर बनवाने का पुराना आरोप भी फिर से चर्चा में आ गया है। केवटी निवासी मो. इकबाल अंसारी ने इस मामले की शिकायत की थी, जिसकी जांच वन विभाग ने की थी। जांच के दौरान बीडीओ पर जांचकर्ताओं को सहयोग न करने का भी आरोप लगा था।
संदिग्ध बंद बक्सा ले गई EOU, आगे और भी बड़े खुलासे संभव
छापेमारी के दौरान दरभंगा के बहादुरपुर स्थित आवास से एक बंद बक्सा भी जांच टीम अपने साथ ले गई। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि ईओयू की इस कार्रवाई के बाद बीडीओ की संपत्ति और प्रभाव को लेकर कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई जब्त दस्तावेजों और वित्तीय अभिलेखों की गहन जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







