
Darbhanga News: जैसे एक चिराग पूरे अंधेरे कमरे को रोशन कर देता है, ठीक उसी तरह शिक्षा की एक पहल किसी की पूरी ज़िंदगी बदल सकती है। कुशेश्वरस्थान में कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला, जब एक स्कूल ने अनाथ छात्र के भविष्य को संवारने का बीड़ा उठाया। मौका था प्रखंड के खलासी स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के भव्य वार्षिक समारोह का, जो उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मेधावी छात्रों को सम्मानित तो किया ही गया, साथ ही एक ऐसी घोषणा हुई जिसने सभी का दिल जीत लिया।
Darbhanga News: जब एक छात्र के लिए पूरा समाज आया आगे
समारोह के दौरान स्कूल प्रबंधन ने एक होनहार और जरूरतमंद अनाथ छात्र विवेक कुमार को गोद लेने का ऐलान किया। विवेक के पिता स्वर्गीय संजय यादव और माता माला देवी हैं, जो दिनमो गांव के रहने वाले हैं। स्कूल के निदेशक शमीम हैदर ने घोषणा की कि विवेक की इंटरमीडिएट तक की पूरी पढ़ाई, रहने, खाने और कपड़ों की व्यवस्था अब विद्यालय की ओर से निशुल्क की जाएगी। इस घोषणा के बाद पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं: बीजेपी महामंत्री पप्पू सिंह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, भाजपा जिला महामंत्री संजय कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो बस उन्हें सही अवसर और सहयोग देने की। इस बच्चे को गोद लेकर उसकी शिक्षा की जिम्मेदारी उठाना समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम है।” उन्होंने इस पहल को ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान बताया।
शिक्षा की लौ जलाना एक सराहनीय कदम: प्रथम हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. राजेश झा
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद प्रथम हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. राजेश झा ने भी निदेशक शमीम हैदर के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की अलख जगाना अपने आप में एक बड़ा काम है। इसी कड़ी में उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि गोद लिए गए छात्र विवेक के स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या का इलाज उनके अस्पताल में पूरी तरह से निशुल्क किया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
समारोह में मेधावी और टॉपर छात्रों को ग्रेजुएशन गाउन, टोपी, मेडल और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों, स्थानीय गणमान्य लोगों और ग्रामीणों की उपस्थिति ने माहौल को और भी प्रेरणादायक बना दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह समारोह सिर्फ एक स्कूल का वार्षिक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग की एक खूबसूरत मिसाल बनकर समाप्त हुआ।








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