

कुशेश्वरस्थान, देशज टाइम्स। एक तरफ आसमान से लगातार प्रचंड गर्मी और दूसरी तरफ बाढ़ के प्रकोप से कुशेश्वरस्थान (Kusheshwarsthan) दियारा के लोगों का जीना मुहाल होने लगा है। जो और जिस स्तर की जलस्तर में उछाल है तय है कहीं बाढ़ ना आ जाए। पढ़िए प्रशांत कुमार की यह रिपोर्ट
दियारा में लगातार जलस्तर की बढ़ोतरी और जलस्तर में कमी का सिलसिला विगत दो दिनों से चल रहा है। कोसी नदी काफी उफान पर है।
लगातार बढ़ रहे जलस्तर से कुशेश्वरस्थान दियारा के लोगों का प्रखंड मुख्यालय एवं बाजार से संपर्क टूट गया है।
नदी में अचानक बाढ़ का आ जाने से उजुआ, सिमरटोका, कुंज भवन, महादेवमठ, झाझा, गैजोरी सहित दर्जनों गांव के लगभग 25 से 30 हजार लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पर रह है।
इतना ही नहीं, कुशेश्वरस्थान (Kusheshwarsthan) से खगड़िया और सहरसा जिला (Khagaria-Saharsa) से भी संपर्क पूरी तरह टूट गया है। यहां के स्थानीय लोगों को मोटरसाइकिल सहित नदी पार करने में 20 रुपये की रकम चुकानी पड़ रही है।
सरकारी स्तर से अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। अंचल प्रशासन की लापरवाही के कारण लोगों को जेब से रकम चुकाने के बाद नदी पार करना पड़ रहा है।
स्थानीय उजुआ सिमरटोका ग्राम कचहरी के सरपंच मिथिलेश राय बताते हैं कि पिछले बार जब अंचल को नावें दी गई उसका रकम आज तक बकाया है।
इसके कारण स्थानीय लोग (Kusheshwarsthan) अंचल को नाव देने से कतराते हैं। सोमवार को फिर लगभग तीन फीट जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। और, अंचल प्रशासन के कान में जूं तक नहीं रेंग रहा है।



