- Advertisement -
मुख्य बातें: मत्स्य दिवस के मौके पर तालाब पर पहुंचे मत्स्य जीवियों को प्रशिक्षित करते मत्स्य विज्ञानी डॉ. पवन कुमार शर्मा। क़ृषि विज्ञानं केंद्र जाले की ओर से मंगलवार को खरका बसंत गांव में विश्व मात्स्यकी दिवस मनाया गया पढ़िए अरूण कुमार पाठक की यह रिपोर्ट…
जाले, देशज टाइम्स ब्यूरो। क़ृषि विज्ञानं केंद्र जाले प्रमुख डॉ. दिव्यांशु शेखर की देख-रेख में मात्स्यकी विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार शर्मा की ओर से खरका बसंत में विश्व मात्स्यकी दिवस मनाया (Experts gave tips in Darbhanga, how to do fish farming, will earn money) गया।
🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें
1 

बिहार में बड़ा बदलाव! 21 IAS-BPSC अफसरों के ट्रांसफर से प्रशासन में हलचल, DARBHANGA समेत आपके जिले पर क्या होगा असर?
2 

Darbhanga Land Scam Big News दरभंगा में सरकारी जमीन की लूट -खसोट की खैर नहीं! DM Kaushal ने 3 राजस्व कर्मचारियों को किया निलंबित, 8 पर बड़ी कार्रवाई
3 

बिहार-हरियाणा बस: अब नहीं भटकना पड़ेगा, सीधे पटना, पूर्णिया, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर पहुंचेंगे लाखों प्रवासी!
4 

Bhagalpur Protest Big News भागलपुर में NH-80 जाम: गुस्साए हजारों ग्रामीणों ने रोक दी सड़क, अनगिनत लोग फंसे, प्रशासन बेबस! जानें क्यों भड़की जनता, क्या है डिमांड!
5 

आपके बच्चे के स्कूल में अब पढ़ाई सुधरेगी! बिहार शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, अधिकारी हर महीने गांव आएंगे
6 

बिहार के 97 लाख बुजुर्ग-दिव्यांगों की बल्ले-बल्ले! खाते में पहुंचे 1100 रुपये, CM सम्राट ने किया बड़ा ऐलान
इस कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण कृषक एवं कृषक महिलाओं को मछली पालन विषय पर जागरूक करने के लिए विभिन्न जानकारिया दी गयी जिनमे प्रमुख रूप से निम्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रधान मंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत मत्स्य किसानों हेतु सहायता के प्रावधान मत्स्य पालन एवं पशु पालन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की व्यवस्था एवं दी जाने वाली राशि की सीमा एवं ब्याज दर मत्स्य तालाब निर्माण एवं प्रबंधन पर उचित प्रजाति का चयन रोग निदान एवं प्रबंधन मत्स्य जल क्षेत्र में रोजगार के अवसर एवं संभावनाएं आदि विषय पर बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान मात्स्यकी विशेषज्ञ डॉ पवन कुमार शर्मा द्वारा किसानों की जिज्ञासा को जानेगए एवं उनके लिए उचित समाधान बताए गए।
कार्यक्रम के समापन पर क़ृषि विज्ञानं केंद्र जाले प्रमुख वैज्ञानी डॉ दिव्यांशु शेखर ने बताया की सीखे गए ज्ञान का उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर बाल दिया की प्रत्येक व्यक्ति अपना तालाब बनाये एवं वैज्ञानिक विधि से मछली पालन करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बल्ली सहनी, अनिल सहनी, बबलू कुमार सहनी, राकेश सहनी, सहदेव सहनी, सुरेश सहनी, जोगिंदर सहनी, रणजीत सहनी, सुकुमरिया देवी, रेशम देवी, सुखसेल देवी, सोभित सहनी, रामपरी देवी, सिकिलिया देवी समेत दर्जाधिक मत्स्य पाक किसान उपस्थित रहे।
- Advertisement -








